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वाह री मोदी सरकार : एक चोर -पूरे गांव की तलाशी

 Sabahat Vijeta |  2016-11-15 12:23:41.0

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लखनऊ. पांच सौ एवं एक हजार के नोट बंद करके केन्द्र की मोदी सरकार ‘‘एक चोर -पूरे गांव की तलाशी’’ वाली कहावत चरितार्थ कर रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विदेशों में जमा काला धन भारत वापस लाने और देश के प्रत्येक परिवार के हर सदस्य के खाते में पन्द्रह-पन्द्रह लाख रूपये जमा करने के वादे को पूरा न कर पाने पर खिसियाहट में देश में बिना किसी पूर्व तैयारी के एकाएक करेंसी बंद करके गरीब, मजदूर, किसान और आम आदमी को पीड़ित करने का कार्य किया है।


उ.प्र. कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता संजय बाजपेयी ने आज जारी बयान में कहा कि बड़े जमाखोरों, कालाबाजारियों, भ्रष्टाचारियों एवं काला धन रखने वालों के विरूद्ध केन्द्र की मोदी सरकार कार्यवाही करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए मोदी सरकार ने तानाशाही रवैया अख्तियार करते हुए पांच सौ और एक हजार के नोट बंद करके मंहगाई से जूझ रहे गांव के गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारियों और आम जनता के ‘‘जले पर नमक छिड़कने’’ का कार्य किया है। बैंकों, एटीएम मशीनों, डाकघरों में उमड़ी भारी भीड़ और अपनी गाढ़ी कमाई को न पाने के मलाल के चलते अस्पतालों में जान गंवा रहे मरीजों के परिजन खून के आंसू रो रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी के काला धन और भ्रष्टाचार दूर करने का ढोंग रचने से आम जनता में आक्रोश व्याप्त है। अस्पतालों में भर्ती मरीज असमय मौत के गाल में समां रहे हैं और लम्बी-लम्बी लाइनों में खड़ें बुजुर्ग, महिलाएं जान गंवाने के लिए मजबूर हैं।


श्री बाजपेयी ने कहा कि पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने तथा नयी करेंसी की अनुपलब्धता के चलते एक तरफ किसान धान की उपज को बेंच नहीं पा रहा है और रवी की बुआई के लिए खाद, बीज और सिंचाई के लिए त्राहि-त्राहि कर रहा है और प्रधानमंत्री रैलियां करने में व्यस्त हैं।

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