Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

PAK अपने 4 अधिकारियों को भारत से वापस बुलाने पर कर रहा विचार

 Vikas Tiwari |  2016-11-01 04:56:09.0

india-pakistan-1
इस्लामाबाद.
 भारत द्वारा जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी दूतावास के एक अधिकारी को देश से निष्कासित करने की घटना के बाद पाकिस्तान नई दिल्ली स्थित भारतीय उच्चायोग से अपने चार अधिकारियों को वापस बुलाने पर विचार कर रहा है। विदेश कार्यालय के एक सूत्र ने सोमवार को कहा, "यह विचाराधीन है। अंतिम फैसला जल्द ही लिया जाएगा।"


इन चारों अधिकारियों में कॉमर्शियल काउंसेलर सैयद फरूख हबीब तथा फर्स्ट सेक्रेटरी खादिम हुसैन, मुदस्सिर चीमा तथा शाहिद इकबाल शामिल हैं। भारतीय अधिकारियों द्वारा पाकिस्तानी उच्चायोग में कार्यरत महमूद अख्तर का रिकॉर्डेड बयान मीडिया में जारी करने के बाद इन चारों अधिकारियों के नाम सार्वजनिक किए गए।


महमूद को भारत ने अवांछित व्यक्ति घोषित करते हुए देश से निष्कासित कर दिया था। अख्तर ने डॉन न्यूज से कहा कि उनसे यह बयान बलपूर्वक लिया गया। पिछले सप्ताह इस्लामाबाद लौटे उच्चायोग के पूर्व कर्मी ने कहा, "हिरासत में लेने के बाद वे मुझे एक पुलिस थाने ले गए, जहां मुझे उन्होंने एक लिखित बयान दिया और उसे पढ़ने को बाध्य किया।


उस बयान में उन चारों अधिकारियों के नाम शामिल थे और मुझे यह कहने के लिए कहा गया कि उनका संबंध पाकिस्तान की आईएसआई से है।"अख्तर ने बताया कि निजामुद्दीन दरगाह से लौटते वक्त किस प्रकार उनसे चिड़ियाघर के बाहर हाथापाई की गई और उठाने के बाद दिल्ली के पुलिस थाने में ले जाया गया, जहां उन्होंने जबरदस्ती मुझसे एक बयान पढ़वाया।


संबंधों में तल्खी के कारण पाकिस्तान तथा भारत अतीत में एक दूसरे के राजनयिकों व अधिकारियों को निष्कासित करते रहे हैं। लेकिन यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है, जिसमें अधिकारियों के नाम का खुलासा करने जैसा गंभीर कदम उठाया गया है। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा, "हम इसे राजनयिक नियमों का गंभीर उल्लंघन समझते हैं।


भारत के कदम ने पहले से तल्ख स्थिति को और जटिल कर दिया है और हमारे दूतावास के कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में डाल दिया है।"इन चारों अधिकारियों में कॉमर्शियल काउंसेलर सैयद फरूख हबीब तथा फर्स्ट सेक्रेटरी खादिम हुसैन, मुदस्सिर चीमा तथा शाहिद इकबाल शामिल हैं।


भारतीय अधिकारियों द्वारा पाकिस्तानी उच्चायोग में कार्यरत महमूद अख्तर का रिकॉर्डेड बयान मीडिया में जारी करने के बाद इन चारों अधिकारियों के नाम सार्वजनिक किए गए। महमूद को भारत ने अवांछित व्यक्ति घोषित करते हुए देश से निष्कासित कर दिया था। अख्तर ने डॉन न्यूज से कहा कि उनसे यह बयान बलपूर्वक लिया गया।


पिछले सप्ताह इस्लामाबाद लौटे उच्चायोग के पूर्व कर्मी ने कहा, "हिरासत में लेने के बाद वे मुझे एक पुलिस थाने ले गए, जहां मुझे उन्होंने एक लिखित बयान दिया और उसे पढ़ने को बाध्य किया। उस बयान में उन चारों अधिकारियों के नाम शामिल थे और मुझे यह कहने के लिए कहा गया कि उनका संबंध पाकिस्तान की आईएसआई से है।"


अख्तर ने बताया कि निजामुद्दीन दरगाह से लौटते वक्त किस प्रकार उनसे चिड़ियाघर के बाहर हाथापाई की गई और उठाने के बाद दिल्ली के पुलिस थाने में ले जाया गया, जहां उन्होंने जबरदस्ती मुझसे एक बयान पढ़वाया। संबंधों में तल्खी के कारण पाकिस्तान तथा भारत अतीत में एक दूसरे के राजनयिकों व अधिकारियों को निष्कासित करते रहे हैं।


लेकिन यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है, जिसमें अधिकारियों के नाम का खुलासा करने जैसा गंभीर कदम उठाया गया है। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा, "हम इसे राजनयिक नियमों का गंभीर उल्लंघन समझते हैं।


भारत के कदम ने पहले से तल्ख स्थिति को और जटिल कर दिया है और हमारे दूतावास के कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में डाल दिया है।"

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top