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गायब है पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस का यह स्टेशन

 Anurag Tiwari |  2016-11-05 11:26:05.0

Varanasi, manduadih, Railway Station, Eastern Central Railway, Danapur, Divisionतहलका न्यूज ब्यूरो

वाराणसी. कहने को यह स्टेशन पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है. बनारस शहर में यह सबसे खूबसूरत स्टेशन माना जाता है. बनारस कैंट के बाद यहां सबसे ज्यादा सुविधाओं का विस्ता हुआ है.यहां तक कि कुछ मामलों में यह वाराणसी कैंट स्टेशन से आगे है. लेकिन यही रेलवे स्टेशन रेलवे के एक डिवीज़न के लिए लिस्ट से गायब है.

हालात यह हैं कि इस डिवीज़न से वाराणसी के इस रेलवे स्टेशन के लिए टिकट नहीं जारी होता क्योंकि यहां की लिस्ट में यह स्टेशन शामिल ही नहीं.

दानापुर से नहीं मिलता मंडुवाडीह स्टेशन का


वाराणसी. दानापुर रेलवे डिवीज़न के मैप पर वाराणसी का मडुवाडीह स्टेशन शामिल ही नहीं है. पैसेंजर्स को दानापुर या यहां तक कि  पटना रेलवे स्टेशन से इस स्टेशन का टिकट ही नहीं मिलता. दिलचस्प बात यह है कि ऐसा यहां मडुवाडीह के लिए ट्रेनें चलती हैं. ऐसे में पैसेंजर्स को मडुवाडीह की जगह या तो वाराणसी कैंट का टिकट लेना पड़ता है या फिर मडुवाडीह रेलवे स्टेशन से एक स्टेशन आगे का.

अप और डाउन में बदल जाती है दूरी

हाल ही में टिकट न मिलने से परेशान एक पैसेंजर उमेश नारायण मिश्र ने ब्लेंक पेपर टिकट पर पटना से मडुवाडीह तक की अपनी जर्नी पूरी की. उन्होंने बताया कि ब्लैंक पेपर टिकट पर पटना से मंडुवाडीह की दूरी 240 किलोमीटर दिखाई गई और जब उन्होंने रिटर्न जर्नी में मंडुवाडीह से पटना का टिकट लिया तो टिकट पर पटना की दूरी 229 किलोमीटर प्रिंटेड थी. दिलचस्प बात यह है कि दोनों तरफ से इन दोनों स्टेशनों के बीच का किराया केवल 100 रुपये ही ही है, लेकिन दोनों स्टेशनों की दूरी में 11 किमी का अंतर है. हालांकि दूरी के इस अंतर का जवाब भी रेलवे के पास नही है.

दानापुर डिवीज़न के पीआरओ रंजीत कुमार सिंह का कहना है कि मंडुवाडीह के लिए टिकट न मिल पाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं था लेकिन अब जल्द ही इस समस्या का हल निकाल लिया जाएगा.

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