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सचमुच बड़ी खामियां हैं, आतंकवाद पर कोई नीति ही नहीं :पठानकोट हमले पर संसदीय समिति

 Tahlka News |  2016-05-03 14:51:30.0





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तहलका न्यूज ब्यूरो

 नई दिल्ली. पठानकोट आतंकवादी हमले पर संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की आतंकवाद रोधी सुरक्षा व्यवस्था में कुछ गंभीर खामी है और पठानकोट वायुसैनिक अड्डे की सुरक्षा मजबूत नहीं थी और चारदीवारी की पहरेदारी भी कमजोर थी। समिति ने इस  मामले में जांच को लेकर गृह मंत्रालय और जांच एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं| समिति ने एसपी सलविंदर सिंह से फिर से पूछताछ करने की जरूरत पर बल दिया है| गौरतलब है कि पठानकोट वायुसेना बेस पर गत 2 जनवरी को आतंकी हमला हुआ था और इस हमले में सेना के 7 जवान शहीद हुए। भारत आतंकी हमले की जांच के लिए एनआईए को पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है। पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) पठानकोट हमले का जांच कर चुकी है।


भारत ने इस हमले के लिए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराया है। भारत का कहना है कि जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर इस हमले का मास्टरमाइंड था।

पाकिस्तानी जांच टीम  को भारत आने देना गलत
प्रदीप भट्टाचार्य के मुताबिक पाकिस्तान से आई संयुक्त जांच टीम (JIT) को भारत के अंदर नहीं आने देना चाहिए था. पठानकोट एयरबेस का दौरा करके आए भट्टाचार्य के मुताबिक एयरबेस में अभी भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए हैं|

नहीं साझा किया गया इंटेलिजेंस इनपुट
गृह मंत्रालय की संसदीय स्थाई समिति (राज्य सभा) के चेयरमैन प्रदीप भट्टाचार्य ने  कहा कि अगर हमले को लेकर इंटेलिजेंस इनपुट पहले से था, तो राज्य सरकार से इस मामले में ठीक तरीके से जानकारी साझा क्यों नहीं की गई|

राज्य और केंद्र के बीच ताल-मेल की कमी 
हमले की वजह पर पश्चिम बंगाल से कांग्रेस सांसद भट्टाचार्य ने बताया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की एजेंसी के बीच ताल-मेल नहीं था|



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