Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

PM मोदी 'पैलेट गन' से हुए जख्मी, Viral हुई तस्वीर!

 Abhishek Tripathi |  2016-07-26 07:42:30.0

pellet_guns_social_media_campaignतहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली. आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से कश्‍मीर घाटी सुलग रही है। वहीं, पाकिस्‍तान भी इस माहौल में घी डालने का काम कर रहा है। पाकिस्तान की तरफ से यहां हिंसा को भड़काने की कोशिशें लगातार जारी हैं। इसी बीच पाकिस्तान के एक एनजीओ नेवर फारगेट पाकिस्‍तान ने कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए इस्तेमाल की गईं पैलेट गन के विरोध में एक ऑनलाइन कैंपेन चलाया है।


एनजीओ के इस अभियान में पीएम मोदी, सोनिया गांधी, विराट कोहली और शाहरुख खान जैसी प्रमुख भारतीय हस्तियां हैं। वहीं, फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भी इसमें शामिल हैं। इन सेलिब्रिटीज के चेहरों को फोटोशॉप की मदद से पैलेट गन से जख्मी दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस अभियान को दोतरफा प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।


pellet_guns_social_media_campaign1


बता दें कि, व्‍हाट इफ यू न्‍यू द विक्टिम? नाम से फेसबुक पर पोस्ट की गई इन तस्वीरों में पीएम मोदी की तस्वीर पर लिखा है, ‘हमने बेसिक सर्जरी तो कर दी है, लेकिन आंख के पिछले हिस्से पर घाव अभी भी हैं। घाव और बिगड़ सकते थे, क्योंकि पुलिस ने अस्पताल में हमें तुरंत इलाज करने से रोक दिया था।'


इसी तरह से सोनिया गांधी की तस्वीर पर लिखा गया है कि आपकी सीधी आंख की रोशनी जाने पर हमें दुख है, लेकिन क्या करें, हमारे पास सिर्फ पांच ऑपरेशन टेबल हैं। वो सभी 24 घंटे बिजी रहती हैं। वहीं, शाहरुख खान की फोटो के साथ लिखा गया है कि इंडियन आर्मी ने जो आपके साथ किया वो बेहद दुखद घटना है। आप तो प्रदर्शकारियों में शामिल भी नहीं थे, लेकिन स्पेशल आर्मी पावर एक्ट है। यह सेना को ताकत देता है कि वह शक के आधार पर किसी को भी गोली मार सकते हैं।


pellet_guns_social_media_campaign2


क्रिकेटर विराट कोहली की तस्वीर के साथ लिखा है कि क्रिकेट प्रैक्टिस से लौटते वक्त आर्मी ने मेरी आंख पर गोली मारी थी लेकिन मुझे भारत ने कहा था कि चिंता मत करो। इन तस्‍वीरों में मार्क जुकरबर्ग की तस्‍वीर को भी शामिल किया गया है। जुकरबर्ग की तस्‍वीर के साथ लिखा गया है कि आप हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत रहे। हमने कोशिश की कि आपके घावों की तस्वीरें और इंटरव्यू फेसबुक पर शेयर करें लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाए।


सरकार ने यहां मोबाइल इंटरनेट और अखबार बंद कर दिए हैं। कर्फ्यू के दौरान हम बाहर नहीं जा सकते। हम केवल एक इंटरनेशनल जर्नलिस्ट का इंतजार कर सकते हैं कि वो हम तक पहुंचे और हमारी खबर बाहर ले जाए। इन तस्‍वीरों के साथ हर एक के नीचे एक नाम दिया गया है और दावा किया जा रहा है कि ये कश्‍मीर के लोगों की आवाज है।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top