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उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू, कांग्रेस ने कहा- लोकतंत्र का हुआ कत्ल

 Tahlka News |  2016-03-27 08:39:17.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो
देहरादून, 27 मार्च. उत्तराखंड में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच रविवार को राष्ट्रपति शासन लगा दिया  गया है। जानकारी के अनुसार, राज्यपाल की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रपति शासन लगाया है। साथ ही विधानसभा को को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, सूत्रों की माने तो कांग्रेस राष्ट्रपति शासन के विरोध में कोर्ट में अपील करेगी। बता दें कि कल यानि 28 मार्च को हरीश रावत को अपना बहुमत साबित करना था।


बताते चले कि विधानसभा  स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के कांग्रेस के उन नौ विधायकों को अयोग्य ठहराने के कथित फैसले से 70 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की प्रभावी संख्या 61 रह जाएगी। इन नौ विधायकों ने रावत के खिलाफ बगावत की और बीजेपी से हाथ मिला लिया है। ऐसे में रावत के पास छह समर्थकों के अलावा 27 कांग्रेस विधायक होंगे और इस तरह सदन में सत्तापक्ष के पास 33 विधायक होंगे। ऐसी स्थिति में रावत विश्वासमत परीक्षण जीत जाएंगे।


स्टिंग में फंसे थे सीएम रावत
इससे पहले रविवार को हरीश रावत के खिलाफ बागी विधायकों ने एक स्टिंग जारी किया। इसमें सीएम और एक शख्स के बीच पैसे के लेन-देन की भी बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। बागी हरक सिंह रावत का आरोप है कि उन्हें और उनके साथियों को जान से मारने की भी धमकी दी जा रही है। बागी एमएलए हरक सिंह रावत का आरोप है कि कांग्रेस के नौ बागियों और कुछ बीजेपी विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की जा रही है। हरक सिंह ने कहा, ''हमें जान से मारने की धमकी भी मिल रही है। हमने भारत सरकार से सिक्युरिटी का अरेंजमेंट करने की अपील की है।'' आरोपों पर उत्तराखंड कांग्रेस का कहना है कि स्टिंग फर्जी है और इसकी जांच की जानी चाहिए। जांच में जो भी दोषी हो, उस पर कार्रवाई की जाए। बता दें कि हरीश रावत सरकार संकट में है। उनकी पार्टी के 9 विधायक बीजेपी के साथ मिल चुके हैं। गवर्नर ने रावत से 28 मार्च को बहुमत साबित करने के लिए कहा है।

असेंबली में अभी क्या है स्थिति?
- 70 सीटों वाली उत्तराखंड असेंबली में कांग्रेस के 36, बीजेपी के 28, निर्दलीय 3, बीएसपी के 2 और यूकेडी का 1 विधायक है।
- कांग्रेस से 9 विधायक बागी हैं। इससे कांग्रेस के पास 27 विधायक रह जाते हैं। उसे पीडीएफ के 6 मेंबर्स का सपोर्ट हासिल है।
- अगर स्पीकर कांग्रेस के नौ बागियों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य करार देते हैं तो विधानसभा 61 सीटों की रह जाएगी।
- तब बहुमत के लिए 31 की जरूरत होगी। ऐसे में, रावत कांग्रेस के 27 और पीडीएफ के 6 मेंबर्स के बूते सरकार बचा सकते हैं।


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