Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

प्रधानमंत्री की रैलियों का खर्च कैश से हो रहा है या कैशलेस !

 Sabahat Vijeta |  2016-12-31 12:57:48.0

old-note-with-pm-modi


लखनऊ. केन्द्र की तानाशाही मोदी सरकार द्वारा देश में नोटबन्दी के निर्णय एवं नोटबन्दी से आम जनमानस को हो रही परेशानियों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता से 50 दिन का समय मांगे जाने की सीमा समाप्त हो जाने के बावजूद आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. बैंकों एवं एटीएम में लाइनें लगी हुई हैं और आम जनता सड़कों पर लाइनें लगाने के लिए विवश है. देश की जनता के सामने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह झूठ भी अब खुलकर सामने आ गया है.


प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अशोक सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि जिस प्रकार 8 नवम्बर को नोटबन्दी की गयी और देश के प्रधानमंत्री ने घूम-घूमकर आम जनता से 50 दिनों में हो रही कठिनाइयों को दूर करने का ढिंढोरा पीटा. लाइनों में खड़े होने से देश के सैंकड़ों निर्दोष लोगों की नोटबन्दी के कारण जानें चली गयीं किन्तु प्रधानमंत्री झूठ पर झूठ बोलते रहे. नोटबन्दी की घोर विफलता से पेटीम, कैशलेस का सहारा लिया गया किन्तु देश में आज किसान, गरीब, मजदूर, बेरोजगार, छोटे उद्योग बदहाल हो गये हैं.


प्रवक्ता ने कहा कि एक तरफ जहां देश की आम जनता इस भीषण मंहगाई में दो-चार हजार रूपयों के लिए परेशान है वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैलियों में करोड़ों रूपये पानी की तरह बहाये जा रहे हैं. उन्होने सवाल किया कि राजधानी लखनऊ में आगामी 2जनवरी की रैली में जिस प्रकार करोड़ों रूपये साज-सज्जा एवं भीड़ लाने के लिए व्यय किये जा रहे हैं, आखिर इन रैलियों में खर्च किये जा करोड़ों रूपयों का भुगतान किस मोड में किया जा रहा है (कैश अथवा कैशलेस)? एवं इतनी भारी रकम कहां से आयी? भारतीय जनता पार्टी को इसे सार्वजनिक करना चाहिए.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top