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नन्दिनी मगध की प्रिंसेज थी और मैं जमशेदपुर की : श्वेता

 Sabahat Vijeta |  2016-09-12 13:58:07.0

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शबाहत हुसैन विजेता


लखनऊ. सिर्फ 12 साल की उम्र में राष्ट्रीय पुरस्कार जीत लेने वाली अभिनेत्री श्वेता बासु प्रसाद दोहरी ज़िन्दगी जीना पसन्द नहीं करतीं. वह सेट पर होती हैं तभी स्टार होती हैं लेकिन घर आ जाती हैं तो सिर्फ श्वेता होती हैं. कभी-कभी परिवार को खाना बनाकर भी खिलाती हैं. खाली टाइम होता है तो किताबें पढ़ती हैं.


डिप्रेशन में चली जाने वाली अभिनेत्रियों के बारे में श्वेता कहती हैं कि जो भी सेट से निकलने के बाद भी स्टार बने रहने का भ्रम पाले रहता है वही डिप्रेशन में जाता है.


यह वही श्वेता हैं जो फिल्म मकड़ी में नज़र आयी थीं. स्टार होकर भी ज़मीन पर होने की वजह स्पष्ट करते हुए श्वेता कहती हैं कि मैं 12 साल की थी तब राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. परिवार ने उस अवार्ड के वेट ही नहीं दिया. घर में तरह-तरह के गिफ्ट का ढेर लग गया था. तमाम लोगों ने तो चाकलेट भेजी थी मगर माँ ने बताया कि लोग छोटा समझकर चाकलेट भेज रहे हैं. इसमें कोई ख़ास बात नहीं है. बड़े होने पर समझ में आया कि राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना कितनी बड़ी बात होती है.


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जमशेदपुर की रहने वाली श्वेता यह मानती हैं कि उन्हें स्कूल में वेटेज मिलता था. स्कूल के टीचर्स और साथी दोनों ही दूसरे बच्चों से अलग ट्रीट करते थे लेकिन तब भी मन में कभी यह नहीं आया कि मैं स्टार हूँ. यही वजह है कि मैं तब भी ज़मीन पर थी और आज भी ज़मीन पर ही हूँ.


श्वेता रोजाना सुबह जल्दी उठती हैं. योग करती हैं. किताबें पढ़ती हैं. कभी-कभी स्केचिंग भी करती हैं. तेलगू, तमिल और हिन्दी फिल्मों में काम करने के बाद श्वेता अब टीवी सीरियल चन्द्र नंदिनी में नंदिनी का किरदार निभा रही हैं. एकता कपूर के इस सीरियल में अभिनय के लिए उन्होंने तलवारबाज़ी और घुड़सवारी सीखी. इतिहास को पढ़ा. नंदिनी के किरदार को समझा.


उनसे यह पूछने पर कि नंदिनी और श्वेता में क्या सिम्लारिटी है? श्वेता मुस्कुराती हैं. नंदिनी मगध की प्रिंसेज थी और श्वेता जमशेदपुर की प्रिंसेज है.




श्वेता को मकड़ी के लिए राष्ट्रीय और इकबाल के लिये अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है. वह कहती हैं कि उन पर फर्क नहीं पड़ता कि पर्दा छोटा है या बड़ा. वह सिर्फ अपने काम को अहमियत देती हैं. रोल अच्छा हो, मन का रोल हो तो काम में मन लगता है. रही बात छोटे पर्दे की तो अब तो मोबाइल फोन पर यूट्यूब आ गया है. मुझे तो लगता है कि अब छोटा पर्दा बहुत बड़ा हो गया है. श्वेता बड़े राज़ का फाश करने के अंदाज़ में बताती हैं कि मेरे घर पर इतना बड़ा टीवी है कि बड़े पर्दे को भी मुंह चिढ़ाता है.


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