Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

नोटबंदी को लेकर प्रिंटिंग कंपनी ने किया अब तक सबसे बड़ा खुलासा

 Anurag Tiwari |  2016-11-13 05:50:11.0

currency ban, Rs 500 and Rs 1000 note, New Currency Note, Black Money, Prime Minister, Narendra Modi, Black Money, Reserve Bank of India, ATM, Banks, RBI

तहलका न्यूज वेब टीम  

सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि नोट पिछले छह महीनों से छप रहे थे तो उन पर आरबीआई के तत्कालीन गवर्नर रघुराम राजन के सिग्नेचर होने के बजाय वर्तमान गवर्नर उर्जित पटेल के सिग्नेचर क्यों? अब इस बाबत नयी जानकारी आई है कि नोट छह महीना पहले नहीं बल्कि 1 सितम्बर से छपने शुरू हुए थे .

4 सितम्बर को बने गवर्नर

नोटों की छपाई का काम शुरू होने के तीन दिन बाद यानि चार सितंबर को रघुराम राजन का तीन साल का टेन्योर खत्म हो गया था. उसी दिन आरबीआई ने एक बयान जारी कर बताया था उर्जित पटेल ने चार सितंबर 2016 से गवर्नर का पदभार संभाला जो जनवरी 2013 से ही आरबीआई में डिप्टी गवर्नर के पद पर थे.

यह भी पढ़ें:

500 तथा 1000 रुपये के पुराने नोट बन्द होने से जनता को हो रही दिक्कतें दूर कराएं डीएम : अखिलेश



प्रिंटिंग कंपनी की बताया गया, नए साल पर आएंगे नए नोट

नए नोट छापने वाली कंपनी के अधिकारी भी 8 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद एकदम सकते में आ गए. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक़ करेंसी नोट छपने वाली कंपनी सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCIL) के अधिकारी ने बताया कि नए नोट इस साल के सिंतबर के बाद से छपने शुरू हुए थे. नए नोटों को छापने के लिए तीन शिफ्टों में काम किया गया था. अधिकारी के मुताबिक़ नए नोट कंपनी के दो-दो प्रेसों में छापे जा रहे थे. अधिकारी के मुताबिक उन्हें अनुमान था कि 31 दिसंबर या फिर 1 जनवरी से नए नोट न्बाजार में उतारे जाएंगे. लेकिन अचानक 8 नवम्बर को प्रधानमंत्री ने घोषणा कर दी और 10 नवंबर से ही नोटों को भेजा जाना शुरू करना पड़ा. अधुकारी ने कहा कि नए नोट भेजने के निर्देश के साथ ही 500-1000 के नोटों को बंद भी कर दिया गया जिससे हालात कठिन हो गए.

यह भी पढ़ें: जापान में बोले पीएम मोदी गंगा में चवन्नी नहीं डालते थे, अब बहाए जा रहे 500-1000 के नोट



चार राज्यों में प्रिंट हुए नए नोट

अखबार के अनुसार अधिकारी ने आगे बताया कि मध्यप्रदेश के देवास और महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद प्रेसों में 500 के नोट छपे थे और 2000 के नोट भारतीय रिजर्व बैंक नोट प्राइवेट लिमिटेड की कर्नाटक के मैसूर और पश्चिम बंगाल के सालबोनी प्रेस में छपे. इन सभी सिक्योरिटी प्रेस की क्षमता हर महीने 3 बिलियन नोट छापने की है.

यह भी पढ़ें: VIDEO: नोटबंदी पर पीएम मोदी ने की MICHAEL YADAV से गुपचुप बात



हाई लेवल मीटिंग में नोटों की सप्लाई को लेकर बनी रणनीति

पुराने नोटों का चलन बंद करने के ऐलान से एक दिन पहले यानी सोमवार को वित्त मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी.  इस मीटिंग चर्चा हुई कि कैसे नए नोटों को बैंकों और एटीएम में भेजा जाए. इस मीटिंग में RBI, SPMCIL, इंटेलिजेंस ब्यूरो, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के सिर्फ टॉप ऑफिसियल्स को बुलाया गया था. मीटिंग में तय हुआ कि सभी तरह के सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए नए नोटों को बैंकों तक पहुंचाया जाएगा. जैसे नक्सला प्रभावित झारखंड और बिहार में नोटों भेजने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल हुआ.



Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top