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दलित वीरो-वीरांगनाओं के सम्मान के लिए बीएस-4 ने किया निर्णायक संघर्ष का एलान

 Vikas Tiwari |  2016-11-09 14:24:15.0

R k Chaudhry

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. 16 नवम्बर को वीरांगना ऊदा देवी का शहीद दिवस है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में वे अंग्रेजी फौज से लड़ते हुए शहीद हुयी थी। उन्होंने सिकन्दरबाग, लखनऊ में अंग्रेजी फौज के 36 सैनिकों को अकेले मौत के घाट उतारा था। बीएस-4 के कार्यकर्ता इस दिन को ‘बहुजन स्वाभिमान दिवस’ के रूप में मनायेंगे। उनके खून को खून नहीं पानी समझा।

वर्ण और जाति भेद की भावना में लिप्त भारतीय इतिहासकारों ने ऊदा देवी जैसी देश भक्त और बहादुर वीरांगना के बलिदान के बारे में अपनी कालम की श्याही खर्च करना उचित नहीं समझा। वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी, अवन्ती बाई लोधी, गुलाब सिंह लोधी, चेतराम जाटव, नत्थू धोबी, कन्हैया लाल बाल्मीकि, मक्का पासी, राजा जयलाल सिंह और दुक्खन मांझी जैसे दलित और पिछड़े वर्ग में जन्में वीरों-वीरांगनाओं के बलिदान को भारतीय लेखकों और इतिहासकारों ने नजरअंदाज कर दिया। ऐसे देश भक्त, वीरो-वीरांगनाओं के सम्मान के लिए बीएस-4 (बहुजन समाज स्वाभिमान संघर्ष समिति) निर्णायक संघर्ष करेंगा। 16 नवम्बर, 2016 को लखनऊ गोमती नदी के किनारे, लक्ष्मन मेला पार्क में ‘श्रृद्धांजलि सभा’ एवं विशाल धरना प्रदर्शन’’ का आयोजन किया गया है। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व बीएस-4 के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री आर0के0 चैधरी करेंगे।


जानिए वीरांगना ऊदा देवी की पुरी कहानी...

1857 के स्वतंत्रता संग्राम में ऊदा देवी के पति मक्का पासी इस्माइलगंज, लखनऊ में अंग्रेजी फौज से लड़ते हुए शहीद हुए थे। वे नवाब वाजिद अली शाह की सेना में हवलदार थे। नवाब वाजिद अली को नजरबंद किये जाने के बाद लड़ाई की कमान बेगम हजरत महल ने संभाला था। ऊदा देवी उनकी सेना में महिला फौज की कमाण्डर थीं। उन्होंने अंग्रेजी सेना के सेनापति ‘कालिन कैम्पवेल’ की फौज से लोहा लिया और 36 अंग्रेज फौजियों को अकेले मार गिराया। ‘‘सार्जेण्ट क्विकर वालेस’’ की गोली से 16 नवम्बर 1857 को वे लखनऊ सिकन्दरबाग में शहीद हो गयीं। ‘सर विलियम रसेल’, फेडरिक एंगेल्स जैसे दर्जनों अंग्रेजों ने अपने लेख, समाचार पत्र और रिपोर्ट लिखकर तथा ‘सार्जेन्ट फार्वेस मिचल’ ने ‘‘रैमिनी सेन्सेस आॅफ द ग्रेट म्यूटिनी’’ पुस्तक लिखकर ऊदा देवी की देश भक्ति और वीरता की प्रशंसा किया।

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