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जलपुरुष ने कहा, पानी के लिए अखिलेश कर रहे हैं अच्छा काम

 Tahlka News |  2016-06-03 13:16:56.0

rajendra sing 1

उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. पानी बचाने और धरती को फिर से पानीदार बनाने की मुहीम में लगे जलपुरुष राजेंद्र सिंह मानते हैं कि यूपी के सीएम अखिलेश यादव बुंदेलखंड में जल संरक्षण के लिए वाकई गंभीरता से काम कर रहे हैं.

जलपुरुष का कहना है कि अखिलेश अभी युवा हैं और उनकी आँखों में भी पानी है इसलिए जब भी वे बुलाते हैं मैं आ जाता हूँ. शनिवार को बुंदेलखंड इलाके के महोबा में जाने वाले अखिलेश ने जलपुरुष राजेंद्र सिंह को वहां हुए तालाबों के पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखने के लिए बुलाया है.

हालिया दिनों में आन्ध्र प्रदेश के सूखाग्रस्त इलाकों में यात्रा कर रहे राजेंद्र सिंह अचानक लखनऊ पहुंचे. राजेंद्र सिंह ने तहलका न्यूज से एक्सक्ल्यूसिव बातचीत में कहा, अखिलेश यादव ने उन्हें जब फोन किया तो वे आंध्र प्रदेश में थे. सीएम ने कहा कि आपके ही सलाह पर महोबा में तालाबों का काम शुरू किया था. बरसात से पहले उसकी प्रगति देखने के लिए आप भी आ जाइये.


जलपुरुष का मानना है कि बुंदेलखंड के जलसंकट को ख़त्म करने के लिए जो 7 हजार करोड़ का पॅकेज आया था उसका बहुत बड़ा हिस्सा सीमेंट और कंक्रीट की भेंट चढ़ गया. गलत तरीके से डैम बनाये गए जो सिर्फ पानी माफिया को ही फायदा पहुचाएंगे. इस तरह पानी के लिए आये पॅकेज का पराठा बन गया जिसे भ्रष्टाचारियों ने खूब खाया.

राजेंद्र सिंह का कहना है कि बुंदेलखंड की समस्या का समाधान वहां के पारंपरिक जलस्त्रोतो के पुनर्जीवन और चंदेल तालाबों के संरक्षण में है.
“बुंदेलखंड को जितनी जल की जरूरत है वह तो वर्षा से उसे मिल जाता है मगर वहां के भूजल स्राव स्त्रोतों को जो नुकसान पंहुचा है उस वजह से वर्षा का जल संचयित नहीं हो पा रहा. इसलिये करना सिर्फ इतना है कि वर्ष के पानी को इन भूजल स्राव स्त्रोतों की उलटी दिशा में रोक देना है. फिर सूरज पानी की चोरी नहीं कर पायेगा” -- राजेंद्र सिंह

सीएम अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए जलपुरुष ने कहा कि मैंने उन्हें नदियों के पुनरुद्धार की सलाह दी थी. सीएम ने व्यक्तिगत रूचि ले कर चंद्रावल और लखेरी जैसी छोटी नदियों पर गंभीरता से काम किया और हम जल्दी ही सुखद नतीजे देखने की आशा कर सकते हैं.

हांलाकि जलपुरुष अभी भी जलसंरक्षण के कामो में ठेकेदार कंपनियों की भूमिका से निराश है. उनका कहना है, “ ठेकेदार असल में अपने निजी लाभ के लिए काम करता है, उसे समुदाय के व्यापक लाभ से कोई मतलब नहीं होता , इसलिए तालाबो के पुनरुद्धार का काम समुदाय की सहभागिता से ही होना चाहिए.

तेलंगाना सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कामो की जलपुरुष ने तारीफ करते हुए कहा कि वहां की सरकार ने इस काम के लिए 5 हजार करोड़ का बजट रखा है और वहां 16 हजार तालाबो का निर्माण किया गया है .  उन्होंने इस बात पर अफ़सोस भी जताया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पानी के लिए मात्र 100 करोड़ की व्यवस्था ही की जा सकी है.

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