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कश्मीर का भविष्य नहीं बना तो हिंदुस्तान का भी फ्यूचर नहीं बनेगा : राजनाथ

 Girish Tiwari |  2016-08-25 07:25:56.0

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तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
श्रीनगर:
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति पर वार्ता के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही घाटी पहुंचेगा। यह दल घाटी में चल रही अशांति को सुलझाने की दिशा में वार्ता करेगा। इस हिंसा में अभी तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। राजनाथ सिंह ने पेलेट बंदकूों के इस्तेमाल पर कहा कि सरकार उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ दिनों में इसके वैकल्पिक तरीके पर फैसला करेगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "विशेषज्ञों ने अपनी राय दे दी है। कुछ दिनों में हम पेलेट बंदूकों का विकल्प ढूंढ लेंगे।"

राजनाथ का यह एक महीने में कश्मीर का दूसरा दौरा है। कश्मीर पिछले छह वर्षो के सर्वाधिक भयावह दौर से गुजर रहा है। सुरक्षाबलों और उग्र भीड़ के बीच झड़पों में अब तक 67 नागरिकों की मौत हो गई है जबकि हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं।  सुरक्षाबलों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उपयोग में लाई जा रही पेलेट बंदूकों से बड़े स्तर पर लोग आंशिक रूप से या पूरी तरह से अंधे हो गए हैं।


घाटी में पिछले लगभग सात सप्ताह से चल रही इस हिंसा में अब तक दो पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गई है। राजनाथ ने कहा कि उन्होंने सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों के साथ संयम बरतने को कहा है।


राजनाथ सिंह ने कहा कि घाटी के हालात देखकर सिर्फ कश्मीर के नहीं, बल्कि‍ पूरे देश के लोग आहत होते हैं। मैं सभी कश्मीर के लोगों से अपील करना चाहता हूं कि हमारे जवानों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करें। जिन युवाओं के बच्चों के हाथ में कलम-किताब होने चाहिए, उनके हाथ में पत्थर उठाने की इजाजत कौन लोग दे रहे हैं। क्या वे इन बच्चों और युवाओं के भविष्य की गारंटी ले सकते हैं।


राजनाथ ने कश्मीर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग ऐसे हालात पैदा कर रहे हैं उनकी पहचान करें। अगर कोई नौजवान पत्थर उठा रहा है तो उसे समझाने की कोशिश करनी चाहिए। अगर कश्मीर का भविष्य नहीं बना तो हिंदुस्तान का भी फ्यूचर नहीं बनेगा। यह पहली बार है कि घाटी में ऐसे हालात पैदा होने के बाद दो बार केंद्रीय गृह मंत्री को यहां आना पड़ा। कश्मीर के दर्द की पीड़ा क्या है और हम कैसा महसूस करते हैं इसका अहसास होना चाहिए। हमने महबूबा मुफ्ती से कहा कि वह सभी दलों की बैठक बुलाकर यहां लाएं और लोगों के सामने बात रखें। यहां के युवाओं को बरगलाया जा रहा है। जवान के मरने पर हम दुखी हैं। कश्‍मीर में ऑल पार्टी डेलीगेशन आएगा।


राजनाथ सिंह ने कहा कि पैलेट गन का विकल्‍प जल्‍द आ जाएगा। दो तीन दिन में पैलेट गन पर रिपोर्ट आ जाएगी। सुरक्षा बल संयम बरतें। कश्मीरी आवाम विपदा के समय सेना जवानों की मेहनत को भी देखें। कश्‍मीर के जवानों को अपना भाई समझे लोग।


राजनाथ ने कहा कि कश्‍मीर का हम विकास चाहते हैं। पीएम मोदी ने वेदना जाहिर की है। दस हजार एसपीओ की होगी भर्ती। मैंने करीब तीन सौ लोगों से यहां बात की है। 20 से ज्‍यादा प्रतिनिधमंडल से मैंने बात की।

वहीं, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर के 95 फीसदी लोग अमन चाहते और बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन सिर्फ 5 फीसदी लोग अपने हितों के लिए गलत राह पर हैं।

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