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कैश की किल्लत के बीच एटीएम और डेबिट कार्ड फीस दोबारा शुरू होने से जनता परेशान

 Girish |  2017-01-03 08:54:32.0

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तहलका न्‍यूज ब्यूरो
नई दिल्‍ली:
नोटबंदी को भले ही दो महीने होने वाले हो, लेकिन इसका असर अभी तक लोगों पर पड़ रहा है. लोग इस बात से नाराज है कि एटीएम और डेबिट कार्ड फीस दोबारा शुरू होने से एटीएम यूज के चार्ज को सरकार ने हटाया नहीं है.


नोटबंदी से पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नैशनल बैंक और आईसीआईसीआई बैंक 5 ट्रांजैक्शंस के बाद प्रति ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये की फीस वसूल रहे थे. इन तीनों ही बैंकों का अन्य बैंकों की तुलना में देश में एटीएम का बड़ा नेटवर्क है. इसके अलावा ज्यादातर अन्य बैंक प्रति एटीएम ट्रांजैक्शन 20 रुपये वसूल रहे थे.


कैश की किल्लत के बीच एटीएम और डेबिट कार्ड फीस दोबारा शुरू होने से लोग परेशान हैं .ट्रांजैक्शन प्रॉसेसिंग ऐंड एटीएम सर्विस के प्रेजिडेंट वी. बालासुब्रमण्यन ने कहा, 'पहली 5 ट्रांजैक्शंस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. इसके बाद यह फैसला बैंकों के विवेकाधिकार और कस्टमर की कार्ड कैटिगिरी पर निर्भर करेगा. आमतौर पर बैंकों का ग्राहकों से चार्ज को लेकर अग्रीमेंट होता है. कई बैंक नोटबंदी से पहले प्रीमियम कस्टमर्स से एटीएम चार्ज नहीं वसूल रहे थे.


सरकार का सभी डेबिट कार्डधारको को सभी तरह के ट्रान्सेक्शन मे छुट देनी चाहिए. तभी कैशलैस ट्रान्सेक्शन को बढावा मिलेगा. नहीं तो वो हि ढाक के तीन पात वाली कहावत सही साबित होगी. केंद्र सरकार को डिजिटल ट्रांजैक्शंस पर सब्सिडी को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए. यदि डिजिटल ट्रांजैक्शंस को लेकर सरकार का आग्रह है तो कस्टमर्स को ही उसकी पूरी कीमत क्यों अदा करनी चाहिए.


सरकार ने भले ही कार्ड से पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट को खत्म करने का आदेश दिया हो, लेकिन अकसर यह देखने में आया है कि कारोबारियों ने इस छूट का लाभ ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया. रिजर्व बैंक ने 31 दिसंबर तक के लिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स पर ट्रांजैक्शन फीस को खत्म कर दिया था. लेकिन कई कस्टमर्स की शिकायत थी कि जूलर्स और कपड़ा व्यापारियों ने उनसे उसके बाद भी चार्ज वसूल किया.

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