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मुलायम के पुत्रमोह के कारण सपा दो खेमों में बंटी: मायावती

 Girish Tiwari |  2016-10-09 09:10:13.0

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लखनऊ:  उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती रविवार को केंद्र सरकार के साथ ही राज्य की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार पर भी जमकर बरसीं। मायावती ने मुलायम सिंह यादव के कुनबे में मचे गृहयुद्ध पर चुटकी लेते हुए कहा कि मुलामय के पुत्रमोह की वजह से ही सपा अब अखिलेश और शिवपाल खेमे में बंट गई है। इस मौके पर उन्होंने राज्य के मुसलमानों से चुनाव के दौरान गुमराह न होने की भी अपील की।


बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में आयोजित विशाल रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी हमले किए।

इस रैली में शामिल होने के लिए लाखों की भीड़ रविवार को राजधानी पहुंची। बसपा ने 21 रेलगाड़ियां बुक कराई थीं, जिनसे बसपा के लाखों कार्यकर्ता यहां पहुंचे।

उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री ने समाजवादी कुनबे में मची कलह पर तंज कसते हुए कहा कि मुलायम के पुत्रमोह में सपा दो धड़ों में बंट गई है। विधानसभा चुनाव में अब ये दोनों खेमे एक-दूसरे के प्रत्याशियों को ही हराने की कोशिश करेंगे। अब हर जिले में सपा के दो खेमे सक्रिय हो गए हैं। इसलिए अब यहां के मुसलमानों को सोचना होगा कि उनका वोट बंटने न पाए।

बसपा अध्यक्ष ने कहा, "राज्य के मुसलमानों से अपील है कि वह कोई भी फैसला वर्तमान परिस्थतियों को ध्यान में रखते हुए करें। उनका गलत फैसला राज्य में सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता में पहुंचा सकता है। इसलिए अपने वोट का नुकसान होने से बचाने के लिए एक जगह उसका उपयोग करें। बसपा ही मुसलमानों की सच्ची हितैषी है।"

मायावती ने अखिलेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि लखनऊ मैट्रो और आगरा-पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे की नींव उनके शासनकाल में ही पड़ गई थी। लेकिन अब यह सरकार उसका नाम लेकर राजनीतिक फायदा ले रही है।

करीब डेढ़ घंटे के अपने संबोधन के दौरान बसपा अध्यक्ष ने सपा, भाजपा व कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा, "बसपा सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर ही अखिलेश सरकार उसका फायदा उठा रही है। उप्र में जंगलराज कायम है। लूट मची है, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ रखे बैठी हुई है।"

मायावती ने अखिलेश सरकार की स्मार्ट फोन व लैपटॉप योजना पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि बसपा वैसे तो अपना घोषणा-पत्र जारी नहीं करती, लेकिन यदि उप्र में बसपा की दोबारा सरकार बनी तो युवाओं को स्मार्टफोन व लैपटॉप बांटने की बजाय एकमुश्त धनराशि का इंतजाम कराएगी, ताकि युवा अपनी जरूरतों के हिसाब से उसका सदुपयोग कर सकें।

मायावती ने राहुल की किसान यात्रा और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर भी निशाना साधा। मायावती ने कहा कि अंबेडकर को भुनाने के लिए लोग दलितों के बीच जाकर खाना खा रहे हैं। इससे दलितों को गुमराह होने की जरूरत नहीं है।

मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने शीला दीक्षित को उप्र में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। यह वही शीला दीक्षित हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली में रह रहे उप्र और बिहार के लोगों का अपमान किया था। सूबे की जनता को उनकी सच्चाई के बारे में पता है।

उन्होंने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी करारा प्रहार किया। मायावती ने आरोप लगाया कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सर्जिकल स्ट्राइक्स कराकर वह इसका चुनावी लाभ लेना चाहते हैं। मायावती ने कहा कि ये सर्जिकल स्ट्राइक्स पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले के बाद ही हो जाने चाहिए थी, लेकिन ऐसा लगता है कि जानबूझकर इसमें देरी की गई, ताकि इसका राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।

मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कमजोरियों और नाकामियों को छुपाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक का सहारा ले रहे हैं।

मायावती ने कहा कि पहले भी सेना की ओर से सर्जिकल ऑपरेशन किए गए हैं। दुनिया के अन्य देशों में इस तरह के ऑपरेशन सेना करती रहती हैं। अमेरिका ने जिस तरह से ओसामा बिन लादेन का खात्मा किया, उसका ढिंढोरा नहीं पीटा गया। सेना की इस बहादुरी के लिए जवानों की जयकार होनी चाहिए, लेकिन इसे दूसरी कहानी का रूप दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि सरकार विरोधियों को डराने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव में जो वादे किए थे, उनमें से एक भी वादा पिछले ढाई वर्षो में पूरा नहीं हो पाया।

मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार काला धन विदेश से लाने की बजाय देश के काले धन को सफेद करने में जुटी हुई है। उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार आरएसएस के एजेंडे पर चलकर उप्र का माहौल खराब करना चाहती है। वह लव जेहाद, गोहत्या, घर वापसी जैसे मुद्दों की आड़ में राज्य में कट्टरवादी सोच को बढ़ावा देने का काम कर रही है।

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