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किसान की मौत के बाद घर पहुंचा समाजवादी राशन

 Tahlka News |  2016-05-04 12:16:32.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
बांदा. बुंदेलखंड में सूखे की मार किसानों पर भारी पड़ रही है। अनाज की पैदावर न होने से जहां कर्इ किसानों ने अब तक सुसाइड कर लिया है वहीं मंलवार को एक किसान की भूख से मौत हो गर्इ। बताया जाता है कि चार दिन से घर में चल रही फाकाकशी के बाद समाजवादी राहत राशन लेने जा रहे एक भूमिहीन दलित की रास्ते में पानी पीते ही मौत हो गई। जैसे ही इसकी सूचना अफरों को मिली उनके होश उड़ गए। अधिकारियों ने आनन-फानन में समाजवादी राहत के राशन पैकेट उसके घर पहुंचवा दिए। मौत का कारण खाली पेट हीटस्ट्रोक भी हो सकती है।


नरैनी तहसील के ऐला गांव के मूंगुस पुरवा में दलित नत्थू प्रसाद (40) पुत्र जग प्रसाद भूमिहीन था। वह रिश्तेदारों की ओर से दिए गए कच्चे खपरैलदार मकान में पत्नी और छह बच्चों के साथ रह रहा था। सूखे के हालात में पति.पत्नी को गांव में मजदूरी भी नहीं मिली। हालांकि नत्थू के पास मनरेगा का जाब कार्ड था। गरीबी के चलते उसके दो नाबालिग बेटे नासिक चले गए आैर वहां आइसक्रीम बेंचकर अपना पेट भर रहे हैं। इधर करीब चार दिन से नत्थू के घर चूल्हा नहीं जला था। पास पड़ोस के लोग अक्सर उसे और उसके परिवार को खाना दे देते थे लेकिन इस बीच पड़ोसियों को भी उसके घर चूल्हा न जलने की भनक नहीं लगी।


रविवार को नत्थू को पता चला कि मंगलवार को ऐला गांव में समाजवादी राशन पैकेट बांटे जाएंगे। वह भूखे पेट ही पैकेट लेने के लिए ऐला की ओर चल पड़ा। मूंगुस पुरवा से ऐला की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है। लू के गर्म थपेडे़ सहता हुआ नत्थू आगे बढ़ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी दौरान वह रास्ते में हैंडपंप से पानी पीने लगा। पानी पीते ही वह गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। भाग कर उसके पास पहुंचे लोगों ने उसका शव घर पहुंचाया। दोनों बेटों के इंतजार में शव रखा रहा। दिलीप (17) और संदीप (14) के आने पर मंगलवार को नत्थू का पोस्टमार्टम कराए बगैर अंतिम संस्कार कर दिया गया।


तो अधिकारियों की भी नींद टूटी
अंतिम संस्कार के बाद नत्थू की मौत चर्चा में आ गई। मीडिया वाले पहुंचे तो अधिकारियों की भी नींद टूटी। आनन फानन समाजवादी राशन पैकेट मृतक के घर पहुंचा दिया गया। उप जिलाधिकारी नरैनी ने कोटेदार से 35 किलो गेहूं, चावल भी भेजवा दिया। मृतक के नाम अंत्योदय राशन कार्ड भी था। पत्नी मुन्नी ने बताया कि अंत्योदय कार्ड में मिलने वाला राशन आठ सदस्यीय परिवार के लिए नाकाफी था। यह 15 दिन में ही खत्म हो जाता था। इसके बाद शेष पखवारा फाकाकशी या पड़ोसियों द्वारा दिए गए खाने से गुजरता था। पत्नी ने बताया कि चार दिन से घर में खाना नहीं बना था।


शव का नहीं हो पाया पोस्टमार्टम
यह भूखजनित मौत की श्रेणी में है। अधिकारी हार्टअटैक बता रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम न होने से यह गुत्थी सुलझ नहीं पाई। अधिकारियों को अपने बचाव का भी मौका मिल गया। मृतक के घर पहुंचे नरैनी एसडीएम का कहना था कि मौत भूख से नहीं बल्कि हार्टअटैक से हुई है। डीएम योगेश कुमार ने भी एसडीएम की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि भुखमरी से मौत का कोई भी तथ्य नहीं पाया गया है। उसे पिछले माह अंत्योदय कार्ड से राशन दिया गया था। डीएम ने कहा कि जांच कराई जा रही है। मृतक के आश्रितों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

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