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वैज्ञानिकों का काम अभिनंदनीय है : राज्यपाल

 Sabahat Vijeta |  2016-11-14 17:08:13.0

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज सीएसआईआर - भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के स्वर्ण जयंती वार्षिक दिवस का दीप प्रज्जवलित करके शुभारम्भ किया। स्वर्ण जयंती समारोह में यूनीवर्सिटी आफ ब्रैडफोर्ड, यू.के. के कुलपति प्रो. ब्रायन कैंटर, निदेशक संस्थान प्रो. आलोक धवन, मुख्य वैज्ञानिक डाॅ. डी.के. चौधरी सहित अन्य विशिष्टजन व वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में सीएसआईआर-भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान एवं यूनीवर्सिटी आफ ब्रैडफोर्ड, यू.के. के बीच अनुसंधान एवं नवांवेषण को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये तथा राज्यपाल ने संस्थान की वेबसाइट का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने समारोह में संस्थान के कई प्रकाशनों का लोकार्पण किया एवं संस्थान के कार्मिकों को स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र देकर सम्मानित भी किया।


राज्यपाल ने संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वर्ण जयंती समारोह की शुभकामना देते हुए कहा कि संस्थान के वैज्ञानिक देश के लिए शोध एवं अनुसंधान का जो कार्य कर रहे हैं वह अतुलनीय व अभिनंदनीय है। यह सुखद संयोग है कि आज कार्तिक पूर्णिमा, गुरू नानक जयंती और देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन है, जिन्होंने विज्ञान का महत्व समझकर देश में विज्ञान को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। आजादी के समय हम गेहूँ आयात करते थे। विज्ञान की देन है कि आज हम खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं और निर्यात करने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों के विशेष दिन आत्मावलोकन करने तथा नये लक्ष्य निर्धारित करने के लिए होते हैं।


श्री नाईक ने कहा कि वैज्ञानिकों का दायित्व है कि वे अपने ज्ञान को लोगों तक पहुँचायें जिससे जानकारी प्राप्त करके देश को लाभ होगा। देश औद्योगिकीकरण की ओर जा रहा है। औद्योगिकीकरण की कुछ समस्याएं भी होती हैं। पर्यावरण प्रदूषण एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। देश की नदियाँ भी प्रदूषित हुई हैं। यह हम सबका सामूहिक कर्तव्य है कि आम लोगों को समझाया जाये। जमीन की हरियाली बनाये रखने के लिए जागरूकता जरूरी है। वैश्विक तापवृद्धि से प्रकृति पर प्रतिकूल असर पड़ा है। प्रदूषण की समस्या कैसे हल होगी तथा देश को दिशा देने का काम वैज्ञानिक अपनी दृष्टि से करें। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक संस्थायें इस कार्य को बेहतर ढंग से कर सकती हैं।


राज्यपाल ने कहा कि लोगों में नागरिक बोध उत्पन्न करने की जरूरत है। राज्यपाल ने बताया कि प्रदूषण कम करने की दृष्टि से रेल मंत्री एवं पेट्रोलियम मंत्री रहते हुए उन्होंने कई निर्णय लिये। रेलगाड़ियों में सिगरेट, बीड़ी के प्रयोग पर रोक लगाने के साथ-साथ प्लेटफार्म पर इनकी ब्रिकी पर भी रोक लगायी। प्रदूषण रोकने की दृष्टि से दिल्ली और मुंबई में सीएनजी के प्रयोग पर जोर दिया। तीन माह के बाद अच्छे परिणाम आये। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण भी कम हुआ है।


कार्यक्रम में प्रो. ब्रायन कैंटर ने भी अपने विचार रखें तथा प्रो आलोक धवन ने वार्षिक रिपोर्ट के साथ-साथ संस्थान के कार्यवृत्त एवं उपलब्धियों से भी अवगत कराया।

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