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कमरा नंबर 305 से चल रही प्रीति के लिए गुप्त मुहिम !

 Tahlka News |  2016-06-09 11:43:20.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. यूपी से राज्यसभा की सीट पर अपना प्रत्याशी जिताने की जोड़ तोड़ अपने चरम पर है.समाजवादी पार्टी अपने विधायको को नियंत्रित रखने के लिए सेक्टर बना कर अपने वरिष्ठ नेताओं को लगा चुकी है तो वही बसपा सुप्रीमो मायावती खुद अपने विधायको की निगरानी में लगी हैं .

इन सबके बीच प्रीति महापात्रा के रूप में निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा कर के भाजपा ने मुकाबले को शक्ति प्रदर्शन में तब्दील कर दिया है. आधिकारिक रूप से भाजपा के विधानमंडल दल के नेता भले ही प्रीति महापात्र को अपना प्रत्याशी मानने के लिए तैयार नहीं हैं मगर यह भी सच है कि प्रीति महापात्र के नामांकन पत्र के प्रथम सेट में सभी 10 प्रस्तावक भाजपा के ही थे.


अब प्रीति के पक्ष में दूसरे दलों के विधायको को मैनेज करने की जोड़ तोड़ भी भाजपा नेता ही कर रहे हैं. विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि गुजरात से भाजपा के राज्यसभा सदस्य पुरुषोत्तम रूपाला इस काम के लिए गोपनीय रूप से लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं.

लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक होटल का कमरा नंबर 305 इस काम के लिए केंद्र बना हुआ है. इसी कमरे में रूपाला संभावित मददगारो या फिर उनके प्रतिनिधियों से भेंट कर रहे हैं.

भाजपा विधान मंडल दल के नेता सुरेश खन्ना से इस बाबत सवाल करने पर उन्होंने रुपाला के लखनऊ में होने की जानकारी से ही इंकार कर दिया, मगर विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से इस बात की पुष्टि है कि राज्यसभा के एमपी न सिर्फ राजधानी में हैं बल्कि वे पाला बदलने को तैयार विधायको और उनके शुभचिंतकों से मुलाकात भी कर रहे हैं.

नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर भाजपा के एक बड़े नेता ने बताया कि पार्टी सम्भावित मददगारो को टिकट देने का कोई आश्वासन नहीं दे रही, हाँ दूसरी मदद जरूर की जा सकती है. इस नेता कि बातो पर विश्वास करें तो पार्टी के सभी विधायक पहली वरीयता के मत अपने आधिकारिक उम्मीदवार शिव प्रताप शुक्ल को ही देंगे और दूसरी वरीयता के मत प्रीति महापात्र को जायेंगे.

पार्टी के रणनीतिकारो का सोचना है कि 11 वे प्रत्याशी का फैसला द्वितीय वरीयता के मतों से होगा ऐसे में प्रीति के पास ज्यादा वोट हो सकते हैं.

हांलाकि कांग्रेस से पाला बदलने की संभावना वाले 2 कांग्रेसी विधायको ने टिकट का साफ़ वादा न होने के कारण फैसला अभी टाल दिया है. महाराजगंज के एक सपा विधायक के रूपाला से संपर्क करने का अंदेशा हुआ तो सपा ने उन्हें पार्टी आफिस बुला लिया.

इन सब सियासी गुणा गणित के कारण यूपी का सियासी हलका बहुत व्यस्त हो गया है. हर दल अपने विधायको को बचने की कोशिश में है. इस बीच खबर यह भी है कि सत्ताधरी दल ने भाजपा के भी दो विधायको को अपने पाले में लाने की कोशिशे तेज कर दी हैं. इन विधायको के सीटो पर जातीय समीकरण कुछ ऐसे हो गए हैं कि अब वे सपा के टिकट पर लड़ने में अपना फायदा समझ रहे हैं.

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