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क्या वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी शीला दीक्षित !

 Tahlka News |  2016-08-06 09:14:54.0

क्या वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी शीला दीक्षित !
उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. यूपी के विधानसभा चुनावो के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित हुयी कांग्रेस नेता शीला दीक्षित के पीएम नरेन्द्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी से विधान सभा चुनाव लड़ने की चर्चाएँ तेज हो गयी है. कांग्रेस सूत्रों की माने तो शीला दीक्षित वाराणसी दक्षिण सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकती हैं. ऐसे में वाराणसी का चर्चा में फिर से आना तय है.

इस सीट से शीला दीक्षित को चुनाव मैदान में उतरने की कई वजहे हैं. शीला के जरिये कांग्रेस नरेन्द्र मोदी को चुनौती देगी. साथ ही वाराणसी के लिए किए गए उनके वादों के पूरा न होने के सवाल भी उठाएगी जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर होगी.

वाराणसी दक्षिण की सीट को मिनी भारत माना जाता है. इस विधान सभा में लगभग हर प्रान्त और जाति के लोग हैं. यहाँ से भाजपा के श्याम देव राय चौधरी लगातार जीतते रहे हैं. कांग्रेस प्रत्याशी अमूमन दुसरे नंबर पर ही रहा है. हलाकि दादा के नाम से जाने जाने वाले शेम देव राय चौधरी की विकास सम्बंधित सवालों पर हमेशा आलोचना हुयी है मगर उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. राम लहर में उनके विजय रथ की जो शुरुआत हुयी वो आज तक नहीं थमी है. ऐसे में शीला दीक्षित के लिए यह चुनाव कडा हो सकता है.


कांग्रेस ने सोनिया के रोड शो के लिए भी वाराणसी का चुनाव किया था. इसके पीछे भी मंशा मोदी को चुनौती दे कर देश में एक सन्देश देना था. अब अगर शीला दीक्षित की उम्मेदवारी भी घोषित हो जाती है तो कांग्रेस इसी सन्देश को बढ़ाएगी. अपने समय के दिग्गज कांग्रेसी नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कमलापति त्रिपाठी के समय के किए काम को भी याद कराया जायेगा.

नरेन्द्र मोदी की 2014 में हुयी वाराणसी संसदीय सीट से एतिहासिक जीत के बाद यहाँ भाजपा लडखडाई हुयी है. भाजपा की सहयोगी अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल भी वाराणसी की एक सीट से ही विधायक थी मगर उनके सांसद बनाने के बाद हुए उपचुनाव में पार्टी यह सीट भी हार गयी. इसके बाद पंचायत चुनावो में भी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है.

बहरहाल, यदि कांग्रेस का यह दावं कामयाब हो गया तो निश्चित रूप से कांग्रेस को अपना सन्देश देने में कामयाब हो जाएगी और इसे मोदी की घटती लोकप्रियता के रूप में ही प्रचारित किया जायेगा.

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