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गनीमत थी कि मुलायम, अखिलेश और रामगोपाल जा चुके थे

 Anurag Tiwari |  2016-11-25 17:36:15.0

Prime Minister, Narendra Modi, SP Supremo, Mulayam Singh Yadav, Chief Minister , Akhilesh Yadav, Cabinet Minister, Ram Kripal Yadav, lalu yadav, BJP


अनुराग तिवारी

नई दिल्ली. जरा सोचिए, जहां सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यदाव, यूपी के सीएम अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव जैसे कद्दावर नेता खड़े हों और उनकी मौजूदगी में ही ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ के नारे लगने लगें. देश की राजधानी दिल्ली के बीजेपी के मुख्यालय के सामने 8 नंबर बंगले में नारे तो लगे लेकिन गनीमत है, तब तक वहां से सपा के ये दिग्गज जा चुके थे.

गुरुवार की रात मौक़ा था केंद्रीय राज्य मंत्री राम कृपाल यादव की बेटी भारती की शादी का. उनकी शादी यूपी के अखिलेश यादव की सरकार में नियोजन व ऊर्जा राज्‍य मंत्री शैलेंद्र यादव ललई के बेटे सिद्धार्थ से हुई है. जाहिर है, दोनों ही परिवार दो अलग-अलग राजनैतिक पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं तो घरातियों और बारातियों में भी ज्यादातर इन्हीं पार्टियों से समर्थक शामिल होंगे.

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पीएम के पहुंचते ही लगे हर-हर मोदी के नारे


घड़ी की सुइयां जैसे रात के नौ बजाने को हुईं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने कैबिनेट सहयोगी रामकृपाल यदाव के बुलावे पर वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंचे. प्रधानमंत्री के पहुँचते ही माहौल ने राजनैतिक रूप अख्तियार कर लिया. वहां माहौल ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ के नारे से गुंजायमान हो चुका था. हालत ऐसी कि वर पक्ष के सपा समर्थक असहज महसूस करने लगे और इधर-उधर होने लगे. यहां तक की स्टेज पर पीएम मोदी के पहुंचने पर भी सपा के लोग एक किनारे हो गए. यहां तक कि वर के पिता को स्टेज का एक कोना पकड़ना पड़ा. वर-वधू को आशीर्वाद दने के लिए लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पियूष गोयल, वित्त मंत्री अरुण जेटली सहित 30 से ज्यादा केंद्रीय मंत्री पहुंचे थे.

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आशीर्वाद दे जा चुके थे मुलायम और अखिलेश

पीएम मोदी के आने के लगभग डेढ़ घंटे पहले ही यूपी के सीएम अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा रामगोपाल यादव के साथ वर-वधू को आशीर्वाद देकर निकल चुके थे. यादव कुनबा लगभ 7 बजे शाम को विवाह समारोह में पहुंचा और लघभ साढ़े सात बजे वे लोग वहां से निकल चुके थे.

निमंत्रण के बाद भी नहीं पहुंचे जो थे कभी करीबी

रामकृपाल यादव कभी बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव के खासम ख़ास हुआ करते थे तो शैलेन्द्र यादव ललई समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के खेमे में हुआ करते थे. राजनीति में कभी कोई सगा नहीं होता. मोदी लहर में रामकृपाल ने राष्ट्रीय जनता दल का दामन छोड़ बीजेपी का दामन थामा तो ललई ने अखिलेश लहर में शिवपाल खेमे से बहकर सीएम अखिलेश के खेमे में आ गए. विडम्बना देखिए इन दोनों ने ही अपने पूर्व राजनैतिक आकाओं को बुलाया लेकिन दोनों ही अपने-अपने कारणों से वर-वधू को आशीर्वाद देने भी नहीं पहुंच पाए.

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सियासी दूरियों के बाद भी हो रही हैं यादवी शादियाँ

देश के सबसे बड़े सियासी कुनबे बन चुके समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के बाद अब यादव नेताओं के बीच सियासी घरानों में रिश्तेदारी का नया चलन देखने को मिल रहा है. मुलायम सिंह यादव के पोते और सांसद तेज प्रताप यादव की शादी बिहार के कद्दावर नेता लालू यादव से हुयी तो इस रिश्ते के साथ ही कभी एक दूसरे के साथी और फिर खिलाफत करने वाले इन दो सियासी क्षत्रपो के बीच भी नए समीकरण बन गए. इस शादी में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी सहित देश के जाने माने राजनेता भी शामिल हुए थे. इसके अलावा जल्द ही अखिलेश सरकार के दूसरे मंत्री और मुलायम के करीबी पारस नाथ यादव के बेटे की शादी भी लालू यादव के साले और राबड़ी देवी के भाई की बेटी से होनी है.

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यादव कुनबे की रार दिख रही शादियों में


जहां यादव परिवार के हाल ही के घमासान के बाद चचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के बीच दूरियां बढ़ने की चर्चाएँ आम हैं वहीं परिवार की इस रार का असर यादवी शादियों में भी देखने को मिल रहा है. यहां ध्यान देने वाली बात है कि ललई के अपने ही गृह जिले के रहने वाले मंत्रिमंडलीय सहयोगी पारसनाथ यादव में 36 का आंकड़ा है. जहां शिवपाल शैलेन्द्र यादव ललई की शादी में नहीं पहुंचे वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश ने पारसनाथ यादव के बेटे के तिलक से दूरी बनाना उचित समझा. जबकि इस तिलका समारोह में मुलायम सिंह खुद मौजूद थे और उन्जी उपस्थिति के चलते ललई को भी अपने अन्या कैबिनेट सहयोगियों के साथ तिलक समारोह में अपनी हाजिरी लगानी पड़ी थी.

यह भी पढ़ें: यादवी रिश्तेदारियां ख़ारिज कर रही है सियासी दूरियां

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