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साढ़े छह हज़ार कछुओं के साथ तस्कर गिरफ्तार

 shabahat |  2017-01-10 17:17:38.0



तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश एसटीएफ और वन विभाग, अमेठी के संयुक्त अभियान में अंतरराज्यीय कछुआ तस्कर गिरोह के सरगना राज बहादुर सिंह को जनपद-अमेठी से गिरफ्तार कर अभी तक की कछुओं की सबसे बड़ी बरामदगी करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई.

आज गिरफ्तार किये गए तस्कर राज बहादुर सिंह पुत्र बाबू लाल नट निवासी-चतुरीपुर, मऊ थाना-गौरीगंज, अमेठी के पास से 440 कुन्तल कछुए (संख्या लगभग 6430) और 2 अदद इंडियन साफ्ट शैल टर्टिल बरामद किया गया. एसटीएफ, उत्तर प्रदेश ने विगत वर्षों में वन्य जीव अपराधियों के विरूद्ध अभियान चलाकर बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजाति के वन्य जीवों को संरक्षित किया है.


अमित पाठक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,एसटीएफ, उप्र लखनऊ ने एसटीएफ में वाइल्ड लाइफ सेल का नेतृत्व कर रहे डा. अरविन्द चतुर्वेदी, अपर पुलिस अधीक्षक को कछुओं के सम्बन्ध में अभिसूचना संकलन हेतु निर्देशित किया था. इसी क्रम में डा. चतुर्वेदी ने गंगा नदी के किनारे बसे जनपदों-फर्रूखाबाद, कानपुर तथा फतेहपुर में अभिसूचना तन्त्र विकसित किया. इसके अतिरिक्त यह सूचना भी प्राप्त हुई कि घाघरा नदी और उसकी सहायक नदियों के टैचमेन्ट एरिया में भी बड़ी संख्या में कछुओं की तस्करी हो रही है. इस सूचना को विकसित करते हुए 20 दिसम्बर को एसटीएफ टीम ने जनपद-अम्बेडकरनगर से 485 कछुए(3.4 कुन्तल) बरामद किये थे, जिसमें स्थानीय व्यक्तियों के अतिरिक्त कोलकता के कतिपय व्यापारी भी गिरफ्तार हुए थे. उनसे हुई पूछताछ के आधार पर प्राप्त सूचना को विकसित करते हुए जनपद-अमेठी के कुछ कछुआ तस्कर गिरोहों के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई. इस सम्बन्ध में पुलिस उपाधीक्षक पी.के. मिश्र के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी तथा निरीक्षक राजेश चन्द्र त्रिपाठी ने फील्ड में जाकर महत्वपूर्ण सूचनायें एकत्र की. आज 10 जनवरी को पुष्ट सूचना प्राप्त होने पर अभियुक्त राज बहादुर उपरोक्त को गिरफ्तार करते हुए बरामदगी करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई.

पूछताछ पर अभियुक्त राज बहादुर ने बताया कि गौरीगंज, जगदीशपुर, सलवन आदि क्षेत्रो में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे पोचर कछुओं का शिकार करते हैं और उन्हें किसी बड़े व्यापारी/तस्कर को बेच देते हैं. राज बहादुर इसी प्रकार के तमाम तस्करों के सम्पर्क में रहते हुए माल जमा करता है और ट्रक अथवा छोटी गाड़ी से कोलकता ले जाकर बेच देता है. इस अभियुक्त से पूछताछ के दौरान उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बंगाल, उड़ीसा आदि अन्य स्थानो में कछुओं की तस्करी करने वालों के सम्बन्ध में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है. पूछताछ पर राज बहादुर ने यह भी बताया कि कोलकता मण्डी में कछुओं को फेंगशुईं के रूप में चीन, थाईलेण्ड, सिंगापुर, बर्मा आदि देशों में भी ऊॅची कीमतों पर भेजा जाता है. उल्लेखनीय है कि वाईल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो तथा अन्य कई राज्यों के वन्य जीव सम्बन्धी स्पेशल इकाईयों से वार्ता करने पर यह भी ज्ञात हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में अभी तक कछुओं की बरामदगी नही हुई थी.

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