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अजीबोगरीब थी उपद्रवियों की मांगे, चाहते थे आजादहिंद फ़ौज की सरकार

 Tahlka News |  2016-06-03 07:01:53.0

jawaharbag 1

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

मथुरा. जवाहरबाग़ में कब्ज़ा किए हुए उपद्रवी खुद को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का अनुयाई बताते थे. इन्होने अपने धरने में कई मांगे राखी थी जिन्हें मानना कतई संभव नहीं था.

उपद्रव में शामिल तीन हजार लोगों का नेता रामवृक्ष यादव है वह बाबा जय गुरुदेव का शिष्य रह चुका है और जय गुरुदेव की विरासत के लिए समर्थन नहीं मिलने पर उसने अलग गुट बना लिया था.

जवाहरबाग में 270 एकड़ जमीन पर कब्जा कर रामवृक्ष समानांतर सरकार चलाने लगा था. रामवृक्ष यादव के खिलाफ पहले से हत्‍या की कोशिश, जमीन कब्‍जा करने सहित आठ मुकदमे चल रहे हैं.

उपद्रवियों की मांग थी कि पेट्रोल और डीजल की कीमत एक रुपए लीटर कर दी जाए. इसके अलावा ये देश में सोने का सिक्का चलने की मांग भी कर रहे थे.


उपद्रवी चाहते थे की देश में आजाद हिन्द फ़ौज का कानून लागू किया जाए और सरकार का नाम भी आजाद हिन्द फ़ौज का ही हो. वे आजाद हिन्द फ़ौज की करेंसी चलाना चाहते थे.

इसके साथ ही वे जय गुरुदेव का मृत्यु प्रमाण पत्र भी देने की मांग कर रहे थे. खुद को सत्याग्रही कहने वाले इन उपद्रवियों की मांग थी कि जवाहर बाग की 270 एकड़ जमीन 'सत्‍याग्रहियों' को सौंप दी जाए और देश में अंग्रेजों के समय से चल रहे कानून खत्‍म किए जाएं.

उनकी मांगो में पूरे देश में मांसाहार पर बैन के साथ मांसाहार करने वालों को सजा का प्रावधान करने की बात थी.

उपद्रवियों का नारा था, 'आजाद हिंद बैंक करेंसी से लेन-देन करना होगा, नहीं तो भारत छोड़ना होगा'।

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