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बच्चे इस तरह पढ़ा रहे है स्वच्छता का पाठ

 Girish Tiwari |  2016-09-19 06:29:49.0

baccheरायपुर: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले के विद्यालयीन छात्र-छात्राएं जिले के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश एवं पूरे देश को स्वच्छता का एक नया संदेश दे रहे हैं। बच्चों ने जिले में स्वच्छता अभियान को मूर्त रूप देने के लिए अनूठे प्रयास किए हैं। स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम के तहत डेढ़ लाख से अधिक स्कूली बच्चों ने खुद 25 हजार 984 डस्टबिन तैयार किए। ये बच्चे दुकानों और घर के मुखिया के घर जाकर उन्हें स्वच्छता का संकल्प भी दिला रहे हैं।


रविवार को कबीरधाम जिले में स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम में शामिल हुए शिक्षामंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि कबीरधाम जिले के विद्यालयीन छात्र-छात्राएं जिले के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश एवं पूरे देश को स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं। इसके लिए ये स्कूली बच्चों ने न केवल अपने शालेय प्रांगण की स्वच्छता रख रहे हैं, बल्कि अपने पास पड़ोस, नगर, गांव एवं जिले में स्वच्छता के लिए प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इससे आमजन में साफ-सफाई को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इस विद्यालय में पहुंचते ही स्वच्छता की अनुभूति हो रही है। बच्चों द्वारा स्वच्छता के लिए किया जा रहा यह कार्य प्रशंसनीय है।

कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में जिले के बच्चों द्वारा अपने पालकों को अपने-अपने घरों में शौचालय निर्माण के लिए आग्रह भरा पत्र लिखने की बात का जिक्र किया था और आज ये बच्चे आगे बढ़कर सभी को डस्टबिन बनाकर भेंट कर रहे हैं। वे लोगों को स्वच्छता के लिए डस्टबिन बनाकर दूसरों को भेंट देने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि उनसे बच्चों ने प्रश्न किया कि वे गाड़ी में चलते समय केले आदि के छिलके कहां फेंकते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह ऐसी चीजें छोटी थैली में रखते हैं और जहां डस्टबिन रहता है, उसमें डलवा देते हैं।

उन्होंने कहा कि ये स्कूली बच्चे प्रेरणा के स्रोत हैं और उम्मीद है कि बच्चों की प्रेरणामयी ऊर्जा से जनसामान्य स्वच्छता के लिए प्रेरणा लेंगे।

वहीं, कलेक्टर धनंजय देवांगन ने कहा कि यह आयोजन अपने आप में अनूठा है, क्योंकि इसमें कोई आयोजक नहीं है। इस कार्यक्रम में सभी लोग स्वत: स्फूर्त शामिल है।

उन्होंने बताया कि विद्यालयीन बच्चों ने उनसे भेंट के दौरान स्वच्छता के लिए अपना योगदान सुनिश्चित करने की इच्छा व्यक्त की थी और बताया था कि वे इधर-उधर पड़े कचरों को रखने के लिए स्वयं द्वारा तैयार किए गए डस्टबिन उपलब्ध कराएंगे, जिसमें वे घर-घर जाकर दुकान, प्रतिष्ठान के मालिकों के साथ घर के मुखिया को उस डस्टबिन को भेंट कर उन्हें उसी डस्टबिन में कचरा डालने के लिए प्रेरित करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने भी डस्टबिन बनाकर ऐसा ही संकल्प लिया है और जिले के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी डस्टबिन बनाकर स्वच्छता अभियान में अपना योगदान दिया है।

जिला कलेक्टर ने कहा कि बच्चों ने यह साबित किया है कि केवल बड़े लोग ही स्वच्छता के प्रति इस प्रकार की प्रेरणादायी शिक्षा नहीं दे सकते, बल्कि स्कूली बच्चे भी इस प्रकार की प्रेरणादायी तरीका और शिक्षा बता सकते हैं।

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