Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

श्रमिक संगठनों ने किया देस्ग्व्यापी हड़ताल का समर्थन, निकाली रैली

 Sabahat Vijeta |  2016-09-02 17:16:11.0

railly



लखनऊ. आज 2 सितम्बर को प्रदेश के 27 जनसंगठनों व जनआंदोलनों ने भूमि अधिकार आंदोलन के बैनर तले करीब 600 की संख्या में इकट्ठा होकर देश के श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल को मज़बूती से समर्थन देते हुए उ.प्र. की राजधानी लखनऊ में रैली निकाल कर गांधी प्रतिमा जी.पी.ओ पर जनसभा करके पुरज़ोर तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया.


पूर्वाह्न 11 बजे चारबाग स्टेशन से रैली की शुरूआत हुई. दूर दराज के वन क्षेत्रों कैमूर उ.प्र. जनपद सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदोली व बिहार अधौरा, बुन्देलखण्ड मानिकपुर चित्रकूट, तराई लखीमपुर खीरी व शहरी क्षेत्रों लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, बनारस, मिरजापुर, आजमगढ़ व चंदोली आदि में वनाधिकारों, ज़मीन के सवाल पर, बड़े बांधों के लिये अवैध भूमि अधिग्रहण व फर्जी मुकदमों आदि के सवाल पर अपनी अपनी जगह पर संघर्ष कर रहे समुदायों व कार्यकर्ताओं का यह समूह सरकार की मज़दूर विरोधी व जनविरोधी नीतियों, महंगाई व ग्रामीण श्रमिक वर्ग के ऊपर हो रहे सरकारी दमन के खिलाफ पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ यह रैली चारबाग से स्टेशन मार्ग, हुसैन गंज, बर्लिंग्टन चैराहा से मुड़कर कैसर बाग होते विधानसभा मार्ग पर स्थित सभा स्थल गांधी प्रतिमा की ओर बढ़ रहे थे कि गांधी प्रतिमा के नज़दीक दारुलशफ़ा के ठीक सामने लालबाग चौक पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का रास्ता बाधित कर दिया व रैली को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश करने लगे। आंदोलनरत महिलाओं द्वारा इस पर विरोध करते हुए जब सभा स्थल की ओर जाने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठी चार्ज भी कर दिया, जिससे 3 महिलायें चोटिल हो गयीं. जिससे लोगों में उत्तेजना पैदा होने की संभावना पैदा हो गई. लेकिन लोगों के जोशीले रुख को देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा व लोगों सभा स्थल तक पहुंचने दिया.


गांधी प्रतिमा पर आयोजित जनसभा को अशोक चौधरी, राजेन्द्र मिश्रा, रवीन्द्र सिंह, रोमा, निबादा राणा, मातादयाल, गम्भीरा प्रसाद, सुरेन्द्र प्रसाद, रामचन्द्र राणा व राजकुमारी द्वारा जोशीले अन्दाज़ में केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की अवैध भूमि अधिग्रहण करके बांध निर्माण, वनाधिकार कानून के असफल क्रियान्वयन, श्रमिक कानूनों के साथ छेड़-छाड़, विनाशकारी विकास योजनाओं, लगातार गरीब तबकों की कमर तोड़ती बढ़ती महंगाई जैसी जनविरोधी व मज़दूर विरोधी नीतियों के मुद्दों पर घेरते हुए खुले शब्दों में चेतावनी देते हुए सभा को सम्बोधित किया.


इस सभा में ग्रामीण श्रमिक लोगों पर सरकार के दमनात्मक रवैये व महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के मुद्दे भी वक्ताओं द्वारा मज़बूती से उठाये गये. सभा का संचालन अमित मिश्रा ने किया.


देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में किये गये इस विरोध प्रदर्शन में भूमि अधिकार आन्दोलन के बैनर तले अखिल भारतीय वन-जन श्रमजीवी यूनियन, जनसंघर्ष समन्वय समिति, नेशनल फेडरेशन आफ दलित लैंड राईट्स मूवमेंट, लोक हक़दारी मोर्चा, बारा पावर प्लांट, कैमूर क्षेत्र महिला मज़दूर किसान संघर्ष समिति, कम्यूनिस्ट वर्कर्स प्लेटफार्म, अखिल भारतीय जय भीम सेना, बौद्ध सेना, थारू आदिवासी महिला मज़दूर किसान मंच, पाठा दलित भू-अधिकार मंच, कैमूर मुक्ति मोर्चा-अधोरा बिहार, किसान विकास मंच, मज़दूर शक्ति संगठन, विकल्प-गोरखपुर, एकाउंटेबल सिटीजन फोरम, श्रमिक आंदोलन, जनपैरवी मंच, किसान मज़दूर एकता समिति, कन्हर बचाओ आंदोलन, इंसाफ-उत्तर प्रदेश, वीडियो वालेंटियर, एन.ए.पी.एम, ए.आई.सी.सी.टी.यू, संघर्ष संवाद, भारतीय मज़दूर यूनियन, रिहाई मंच व जनमंच-फैजाबाद के प्रतिनिधीगण व संघर्षशील वनाश्रित समुदायों की बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष शामिल हुए.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top