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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्यों न लगे दोषी नेताओं पर आजीवन बैन

 Anurag Tiwari |  2016-09-15 08:08:12.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने दोषी नेताओं के सक्रिय राजनीति करने पर तल्ख रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से उनकी राय मांगी है. सुप्रीम कोर्ट आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है. याचिका में दागी राजनेताओं पर चल रहे मुकदमों की एक साल के अंदर सुनवाई करके दोषी पाए जाने वाले नेताओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है.

दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया है कि अगर कोई ब्यूरोक्रेट या जुडिसियल अधकारी कानून के तहत दोषी करार दिया जाता है तो उसे कार्यमुक्त कर दिया जाता है लेकिन नेताओें के साथ ऐसा नहीं होता है. वे दोषी सिद्ध होने के बावजूद वे अपने पद पर बने रहते हैं और सक्रिय राजनीति करते रहते हैं.

याचिका में कोर्ट के सामने यह तथ्य भी रखा गया है कि 34 फीसदी सांसदों के खिलाफ क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं, लेकिन इन मामलों के निपटारे के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है. इन मामलों 25 फीसदी सांसदों पर गंभीर और जघन्य अपराधों जैसे रेप, हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और फिरौती के मामले दायर किए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने बुधवार को इस रिट पेटीशन सुनवाई करते हुए केंद्र और चुनाव आयोग को इस मामले में नोटिस जारी किया.

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