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चाय की दूकान से मिलती है पर्यावरण के प्रति जागरूकता

 Sabahat Vijeta |  2016-03-29 17:23:30.0


  • शहर की 17 चाय दुकानें बनीं ‘‘पर्यावरण जागरूकता केन्द्र’’।
    वायु प्रदूषण सतर्कता अभियान के तहत लगेगा ‘‘डिस्प्ले बोर्ड’’।

  • हजारों लोगों तक रोजाना पहुंचेगी वायु प्रदूषण की जानकारी


tea shopवाराणसी, 29 मार्च. बनारस में चाय की दूकान पर्यावरण जागरूकता अभियान को गति देने में लगी है. आज यहाँ व्हीसल ब्लोवर ट्रस्ट द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन सिगरा स्टेडियम के समीप स्थित चाइल्ड लाइन सेन्टर के कार्यालय में आयोजित हुआ, जिसे ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘‘केयर फार एयर अभियान’’ की प्रबंधक एकता, आशा ट्रस्ट वाराणसी के प्रमुख वल्लभाचार्य पाण्डेय और अस्मिता संस्था के फादर दिलराज ने प्रमुख रूप से सम्बोधित किया।


संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित पत्रकारों को जानकारी देते हुए एकता ने बताया कि पर्यावरण जन जागरूकता के लिए बनाए गए ‘‘केयर 4 एयर’’ एन्ड्रायड एैप के बाद व्हीसल ब्लोवर ट्रस्ट ने उन लोगों को भी जागरूक करने का रास्ता खोजा है, जो एन्ड्रायड मोबाईल उपयोग नहीं करते हैं। इस बाबत एकता ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर उपस्थित चाय विक्रेताओं का एक स्वयंसेवी नेटवर्क तैयार किया गया है जो रोजाना अपनी दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को बनारस शहर में वायु में उपस्थित प्रदुषक कणों की जानकारी प्रदान करेंगें। इसके लिए आशा ट्रस्ट के वित्तीय सहयोग मैनुअल डिस्प्ले बोर्ड तैयार किये गए हैं जो सभी चयनित दुकानों पर रखे जायेगें। उन्होने बताया कि वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों और बुढ़े लोगों को होता है और जल्द से जल्द इस पर लगाम लगाये जाने के ठोस उपाय किये जाने चाहिए।


teaइस संदर्भ में वल्लभाचार्य पाण्डेय ने बताया कि सिगरा, लंका, कैन्ट, गोदौलिया, संकटमोचन मंदिर, लहुराबीर, मैदागिन, आदि शहर के व्यस्ततम चौराहों पर कुल 17 चाय विक्रेताओं के साथ यह नेटवर्क बनाया गया है। भविष्य में इस नेटवर्क का और विस्तार करने की योजना है। श्री वल्लभाचार्य ने बताया कि उपरोक्त सभी 17 प्रतिष्ठान ‘‘पर्यावरण जागरूकता केन्द्र’’ के रूप में जाने जायेंगे। बनारस शहर में पर्यावरण जागरूकता के लिए और वायु प्रदूषण कम करने के लिए चल रहे अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होने कहा कि ‘‘मैनुअल डिस्प्ले बोर्ड’’ पर रोजाना अंकित होने वाले आकडे़ केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारिक आंकड़े ही होंगे।


अंत में, उपस्थित सभी पत्रकारों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए फादर दिलराज ने कहा कि समाज के सभी वर्गों में संवेदनशीलता पैदा करके ही जलवायु परिवर्तन को रोका जा सकता है। उन्होने कहा कि वायु प्रदूषण के बारे में सतर्कता दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में बरती जाती है, वैसी ही सतर्कता बाकी शहरों और इलाकों में बरते जाने की जरूरत है।


सभी पर्यावरण जागरूकता केंद्रों के नाम:


टंडन टी स्टाल, लंका, नेता जी टी स्टाल, कैंट, मोती टी स्टाल, लहुराबीर, चिन्तामणी सेठ, लन्का, अजय टी स्टाल, भोजुबीर


मक्खन कार्नर, पटेल धर्मशाला, पप्पु टी स्टाल, रथयात्रा, सन्जय टी स्टाल, चन्दुआ सट्टी, मास्टर टी स्टाल, गोदौलिआ,


प्रकाश टी स्टाल, कैन्ट रेल्वे स्टेशन, मोनू टी स्टाल, काशी अनाथालय, यादव टी स्टाल, तेलियाबाग, कैलाश टी स्टाल, इन्ग्लिशिया लाइन, राजेश मिल्क बहार, जगतगंज. अजय टी स्टाल, शिवपुरवा, राधे राधे टी स्टाल, महमूरगंज, पिंटू टी स्टाल, मंडुआडीह।

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