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मेधावी विद्यार्थियों के लिये राज्य सरकार ने की व्यवस्था

 Vikas Tiwari |  2016-08-07 12:37:51.0

up govt




  • वर्ष 2016 में इण्टरमीडिएट परीक्षा पास करने वाली मेधावी छात्राओं के लिए कन्या विद्या धन योजना की जनपदवार धनराशि आवंटित

  • 89100 मेधावी छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए 02 अरब 67 करोड़ 30 लाख रुपये जारी

  • अनुदान संख्या-72 के तहत 70389 मेधावी छात्राओं के लिए 02 अरब 11 करोड़ 16 लाख 70 हजार रूपये जारी

  • अनुदान संख्या-83 के तहत अनुसूचित जाति की 18711 मेधावी छात्राओं के लिए 56 करोड़ 13 लाख 30 हजार की धनराशि निर्गत

  • अनुदान संख्या-72 के अन्तर्गत जनपदवार/बोर्डवार लक्ष्य में से 20 प्रतिशत अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा

  • अनुदान संख्या-83 के अन्तर्गत जनपदवार/बोर्डवार लक्ष्य में से 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति की छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा


लखनऊ. वर्ष 2016 में इण्टरमीडिएट परीक्षा पास करने वाली मेधावी छात्राओं के लिए कन्या विद्या धन योजना की धनराशि आवंटित कर दी गयी है। 89100 मेधावी छात्राओं को योजना के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 02 अरब 67 करोड़ 30 लाख रुपए की धनराशि जारी की गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को जनपदवार धनराशि आवंटित की गई है। इस आवंटन में अनुदान संख्या-72 के तहत 70389 मेधावी छात्राओं के लिए 02 अरब 11 करोड़ 16 लाख 70 हजार रुपए एवं अनुदान संख्या-83 के तहत अनुसूचित जाति की 18711 मेधावी छात्राओं के लिए 56 करोड़ 13 लाख 30 हजार की धनराशि जारी की गयी है।


उल्लेखनीय है कि समाजवादी सरकार द्वारा बालिकाओं में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कन्या विद्या धन योजना लागू की गयी है। इसके तहत उ.प्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई, उ.प्र. मदरसा परिषद एवं उ.प्र. संस्कृत शिक्षा परिषद की इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली मेधावी छात्राओं को 30 हजार रुपए प्रति छात्रा की दर से प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाती है।


इस योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 में अनुदान संख्या-72 के अंतर्गत 237 करोड़ रुपए तथा अनुदान संख्या-83 के अंतर्गत 63 करोड़ रुपए प्राविधानित किए गए हैं। इन अनुदान संख्याओं में प्राविधानित धनराशियों के सापेक्ष मेधावी छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए प्रोत्साहन मद में शासनादेश संख्या- 1843/पन्द्रह-10-2015-47(1)/2015 दिनांक 21 जुलाई, 2016 एवं शासनादेश संख्या- 1840/पन्द्रह-10-2016-47 (1)/2015 दिनांक 21 जुलाई, 2016 के माध्यम से क्रमशः 02 अरब 34 करोड़ 63 लाख तथा 62 करोड़ 37 लाख रुपए की धनराशि की स्वीकृति शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के निवर्तन पर रखते हुए प्रदान की गयी है।


माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने समस्त जिला निरीक्षकों को जारी अपने आदेश में जनपदवार लाभान्वित होने वाली मेधावी छात्राओं की संख्या व जनपद को आवंटित धनराशि का उल्लेख करते हुए निर्देश दिया है कि आवंटित धनराशि का कोषागार से आहरण व्यय की आवश्यकता होेने पर ही किया जाएगा तथा आवेदकों की पात्रता की जांच करते हुए योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सहायता पात्र छात्राओं को ही मिले। अनुदान संख्या-72 के तहत आवंटित धनराशि, शासनादेश संख्या -1679/पन्द्रह-10-2016-47 (1)/2015 दिनांक 20 जुलाई, 2016 द्वारा निर्धारित जनपदवार/बोर्डवार लक्ष्य में से 20 प्रतिशत अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा।


इसी प्रकार अनुदान संख्या-83 के तहत आवंटित धनराशि से शासनादेश संख्या -1679/पन्द्रह-10-2016-47 (1)/2015 दिनांक 20 जुलाई, 2016 द्वारा निर्धारित जनपदवार/बोर्डवार लक्ष्य में से 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति की छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा। यदि सीबीएसई, आईसीएसई, उ.प्र. मदरसा शिक्षा परिषद तथा उ.प्र. संस्कृत शिक्षा परिषद से अपेक्षित संख्या में छात्राएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं, तब शासनादेश संख्या-93/पन्द्रह-10-2016-47(1)/2015 दिनांक 10 मार्च, 2016 में उल्लिखित व्यवस्थानुसार अवशेष छात्राओं का समायोजन उ.प्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद से किया जाएगा।

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