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इस साल बिना भद्रा के मानेगा रक्षाबंधन, पूरे दिन शुभ है संयोग

 Anurag Tiwari |  2016-08-16 11:34:04.0

raksha bandhan, rakhi, bhadrakal, auspiciousतहलका न्यूज डेस्क

लखनऊ. सावन के महीने में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर 18 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाना है। तीन साल बाद इस बार फिर एक ऐसा मुहूर्त बनेगा जब रक्षा बंधन के दिन पूरे समय कोई भद्राकाल नहीं होगा। इसके चलते बहनें अपने भाइयों को पूरे दिन राखी बाँध सकेंगी।

गोरखपुर के ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय का कहना है कि पिछले कई वर्ष से रक्षा बंधन के त्योहार के दिन भद्राकाल का संयोग बना रहता था, इसके चलते भद्रकाल की सम्पति के बाद ही बहनें भाइयों को रक्षासूत्र बाँध पाती थीं। लेकिन इस बार नक्षत्रों का संयोग ऐसा बना है कि 18 अगस्त को सूर्योदय से पहले भद्राकाल समाप्त हो जाएगा। इसके चलते रक्षाबंधना के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बाँध सकेंगीं।


ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय के अनुसार जब किसी भी पर्व पर भद्रकाल लगा हो तो पर्व मनना शास्त्रानुसार उचित नहीं होता है। उन्होंने बताया कि भद्राकाल में किए गए किसी धार्मिक अनुष्ठान का फायदा मिलने के बजाय नुकसान ज्यादा होता है। रक्षाबंधन पर भी अगर बहनें इस काल में अगर अपने भाई को रक्षासूत्र बांधेंगी तो भाई के जीवन में कठिनाइयां बढ़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि इस बार रक्षा बंधन पर घनिष्ठा नक्षत्र पूरे दिन बना रहेगा। इसकी वजह से यह रक्षा बंधन बहन और भाई के जीवन में श्रीवृद्घि का प्रभाव लायेगा लाएगा। साथ ही इस रक्षा बंधन के पर्व पर सिंहासन गौरी योग भी रहेगा, जिससे भाई-बहनों के जीवन में राजपाट, वैभव और गौरी योग से मंगल, शुभ समाचार मिलेंगे, जिससे आर्थिक संपन्नता आएगी।

इससे पहले ऐसा संयोग वर्ष 2013 में बना था। भद्रा को हिंदू धर्म शास्त्रों में सूर्य की पुत्री व शनि की बहन बताया है। शनि की तरह इसका स्वभाव भी उग्र है। इसलिए लोग भद्रा को छोडकर शुभ संयोग में कार्य की शुरुआत करते हैं।

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