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श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोट कांड में फैसला आज

 Girish Tiwari |  2016-07-29 07:23:20.0

jaunpur

विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका न्यूज़ ब्यूरो
जौनपुर. श्रमजीवी विस्फोट कांड में आरोपी ओबेदुर्रहमान और रोनी के सम्बन्ध में आज अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम बुधिराम यादव फैसला सुनाएंगे। विस्फोट में मारे गये लोगों के परिजन व घायल को न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। आंध्र प्रदेश की जेल में बंद हिलाल व नफीकुल का मामला विचाराधीन है।


अभियोजन के अनुसार 28 जुलाई 2005 को हुए विस्फोट कांड के बाद विवेचक सूचना पर कोलकाता डिटेक्टिव एजेंसी पहुंचे। वहां वाराणसी का अब्दुल्ला गिरफ्तार था। उसने तथा सादिक व नूर मोहम्मद ने आरोपी ओबेदुर्रहमान के विस्फोट कांड में शामिल होने की बात बताई। मुर्शिदाबाद में फारेनर्स एक्ट के तहत बंद आरोपी ओबेदुर्रहमान ने कंचन, हिलाल, रोनी व नफीकुल का हाथ होने की बात विवेचक को बताया।


हिलाल व नफीकुल हत्या के मुकदमे में 17 नवम्बर 2005 को गिरफ्तार किए गए थे। बांग्लादेश निवासी ओबेदुर्रहमान 9 मई 2006 को एवं हिलाल निवासी बांग्लादेश व नफीकुल निवासी पं.बंगाल 23 मईको वारंट बी के जरिए जौनपुर सीजेएम कोर्ट लाए गए। 26 फरवरी 2006 को बांग्लादेशी जुड़वा भाई अनीसुल व मुहीबुल राजद्रोह आदि धाराओं में गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल में निरुद्ध थे। उन्होंने एसीपी संजीव को बयान दिया कि हम लोग हूजी संगठन से जुड़े हैं।


मदरसा में पढ़ाने वाले हूजी के कमांडर अब्दुल रौफ ने मुस्लिमों पर जुल्म के बारे में बताकर ट्रेनिंग दी। लश्कर-ए-तय्यबा के याहिया निवासी हैदराबाद से हूजी के काजोल ने मिलाया था। वह गुजरात के मंत्री हरेन पांड्या की हत्या पर बांग्लादेश आया था। हम लोगों ने आईएसआई से पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली। मुफ्ती हन्नान से बम बनाना सिखाया। श्रमजीवी कांड की योजना डाक्टर सईद व याहिया ने राजशाही बांग्लादेश में बनाया।


शरीफ उर्फ कंचन को टारगेट की रेकी का काम दिया गया जबकि हिलाल व रोनी को ट्रेन में बम रखने का काम सौंपा गया। हम लोग भारत आए। बम बनाने के सामान पटना से लिए गए। इसके बाद याहिया द्वारा बनाए गए बम को खुशरूपुर में ट्रेन में रखा गया।

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