Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

Talgo का हुआ ट्रायल रन, जल्द 5 घंटे कम होगा दिल्ली-मुंबई का सफर

 Anurag Tiwari |  2016-05-29 09:17:53.0

talgo3नई दिल्ली. इंडियन रेलवे ने रविवार को स्पेन की तेज रफ्तार टेलगो कोचेज का पहला ट्रायल रन उत्तर प्रदेश के बरेली-मुरादाबाद रेलखंड पर किया।  रेलवे मिनिस्ट्री की ओर से जारी बयान के मुताबिक, "ट्रायल रन में 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से एक लोकोमोटिव, एक वीआईपी कोच, एक फर्स्ट क्लास का कोच, एक कैफेटेरिया तथा चार सेकंड क्लास के कोच को शामिल किया गया। टेलगो कोचेज के लग जाने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच के सफर का वक़्त 5 घंटे कम होने की उम्मीद है, अभी इन दोनों शहरों के बीच की दोर्री तय करने में ट्रेनें 17 घंटे का समय लेती है, जो घटकर सिर्फ 12 घंटे रहे जाएगाा। "

इससे पहले शनिवार को ट्रायल की तैयारियां परखने के लिए बरेली के इज्जतनगर स्टेशन से करीब दस किलोमीटर दूर भोजीपुरा स्टेशन के बीच ट्रेन को दौड़ाया गया। नाम दिया गया सेंसर ट्रायल। इस दौरान डिब्बो में रेत से भरे कट्टे रखे गए। उम्मीद के मुताबिक सब कुछ ठीक रहा। बता दें कि भारतीय कोचों की तुलना में टेल्गो के कोच काफी हल्के हैं। एक कोच का वजन बीस टन है, जबकि भारतीय कोच 40 टन वजनी होते हैं। दूसरा ट्रायल रन उत्तर-मध्य रेलवे के पलवल-मथुरा रेलखंड पर किया जाएगा।


talgo4

रेलवे के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "टेलगो ट्रेनों की सवारी, सुरक्षा और स्थिरता की जांच विभिन्न चरणों के ट्रायल रन में की जाएगी।" इस चरण के सफल परीक्षण के बाद इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन के समय का परीक्षण किया जाएगा। पहले ट्रायल के दौरान ट्रेनों के कोच खाली रहेंगे। इसके बाद उसमें पैसेंजर्स  के बैठने के स्थान पर रेत से भरे बैग रखे जाएंगे। ट्रायल रन के दौरान ट्रेन की गति 130 किलोमीटर प्रतिघंटे से लेकर 180 किलोमीटर प्रतिघंटे के बीच होगी।

टेलगो स्पेन की अग्रणी मध्यम-तेज गति (160-250 किलोमीटर प्रति घंटा) और उच्च गति (350 किलामीटर प्रति घंटा) की रफ्तार से चलने वाली यात्री ट्रेन है।पिछले महीने भारतीय रेलवे ने देश की पहली मध्यम-तेज गति ट्रेन 'गतिमान एक्सप्रेस' को दिल्ली से आगरा के बीच रवाना किया था, जो 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।

talgo

Talgo कोचेज की ये है खासियत

Capacity

हर कोच में 222 पैसेंजर्स  के बैठने की व्यवस्था, प्रथम श्रेणी में 24 सीट और द्वितीय श्रेणी 36 सीट

Safety

टेलीस्कोपिक कोच एक्सीडेंट की स्थिति में एक दूसरे पर नहीं चढ़ेंगे, डायमंड कटर से चंद सेकेंड में कटेगा

Technology

हाईस्पीड पर भी झटके नहीं लगेंग, यहाँ तक की कप में रखा पानी नहीं हिलेगा- इसका पूरा तकनीकी सिस्टम छतों में लगाया गया है। एल्युमुनियम के चलते कम वजन से कम फ्रिक्शन के चलते रेलवे ट्रैक्स उम्र बढ़ जाएगी।

talgo6

Luxury

चेयरकार में म्यूजिकल सिस्टम, हर कोच टेलीविजन स्क्रीन, 180 डिग्री पर रेवोल्वे करने वाली चेयर्स, साथ ही 5 स्टार फैसिलिटी वाला कैफे भी होगा

talgo interiror

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top