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कौशल विकास के लिए यूपी को मिला सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार

 Sabahat Vijeta |  2016-06-14 15:51:24.0

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  • मुख्यमंत्री ने  उ.प्र. को मिले ‘बेस्ट इण्डियन स्टेट इम्पावरिंग यूथ थ्रू स्किल डवलपमेंट’ पुरस्कार को प्राप्त किया

  • पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित ग्लोबल स्किल डेवलपमेंट मीट में उ.प्र. को किया गया था पुरस्कृत

  • युवाओं में कौशल विकास के लिए अपनायी गई विभिन्न तकनीकों तथा उद्योगों में सेवायोजन हेतु सक्षम बनाने में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया पुरस्कार

  • राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं का कौशल विकास कर रोजगार मुहैया कराने के लिए कृतसंकल्प: मुख्यमंत्री

  • युवाओं में कौशल विकास के समाजवादी सरकार की प्रयासों के परिणाम नजर आने लगे हैं


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कौशल विकास के लिए काम करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि समाजवादी सरकार के युवाओं में कौशल विकास के प्रयासों के परिणाम अब नजर आने लगे हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कौशल विकास के महत्व को पहले ही समझ लिया था, इसलिए इस पर विशेष बल दिया जा रहा है।


श्री यादव ने प्रदेश की विशाल युवा आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं में कौशल विकास करके उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है। राज्य सरकार की यह सोच है कि यदि प्रदेश के नौजवानों को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध करा दिए जाएं, तो देश एवं प्रदेश तरक्की के मामले में दुनिया के अन्य देशों को पीछे छोड़ सकते हैं।


मुख्यमंत्री ने यह विचार आज अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर उत्तर प्रदेश को कौशल विकास के क्षेत्र मिले ‘बेस्ट इण्डियन स्टेट इम्पावरिंग यूथ थ्रू स्किल डवलपमेंट’ पुरस्कार को प्राप्त करते समय व्यक्त किए।


गौरतलब है कि पिछले दिनों पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित ग्लोबल स्किल डेवलपमेंट मीट में उत्तर प्रदेश राज्य को यह पुरस्कार युवाओं में कौशल विकास के लिए अपनायी गई विभिन्न तकनीकों तथा उद्योगों में सेवायोजन हेतु उन्हें सक्षम बनाने में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया था। आज यह पुरस्कार कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा राज्य मंत्री अभिषेक मिश्र, सचिव व्यावसायिक शिक्षा भुवनेश कुमार तथा कौशल विकास मिशन के निदेशक सुरेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री को सौंपा।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, सचिव मुख्यमंत्री पार्थ सारथी सेन शर्मा सहित शासन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


ज्ञातव्य है कि ग्लोबल स्किल डेवलपमेंट मीट का आयोजन ब्रुसेल्स स्थित यूरोप इण्डिया फाउण्डेशन फाॅर एक्सेलेन्स द्वारा किया गया था। इस सम्मेलन का उद्घाटन यूनेस्को में देश की स्थायी राजदूत सुश्री रूचिरा कम्बोज तथा यूरोप इण्डिया फाउण्डेशन फाॅर एक्सेलेन्स के अध्यक्ष काउन्ट क्रिस्टोफर द ब्रेजा द्वारा किया गया। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की इस मीट में आर्गनाइजेशन फाॅर इकोनाॅमिक कोआॅपरेशन एण्ड डवलेपमेंट चैम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इन्डस्ट्री पेरिस, फ्रोनियस इण्डिया, आॅस्ट्रिया, स्विस फेडेरल इन्स्टीट्यूट फाॅर वोकेशनल एजूकेशन एण्ड ट्रेनिंग स्विट्जरलैण्ड, जर्मनी, ज्यूरिख, स्विट्जरलैण्ड, आई मूव-फेडेरल इन्स्टीट्यूट आॅफ वोकेशनल ट्रेनिंग, जर्मनी जैसी अनेक व्यावसायिक कौशल एवं उद्यमिता क्षेत्र में कार्यरत ख्याति प्राप्त संस्थाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया।


उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं में उनका एक्सपोजर विजिट कराने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत ग्रासे व वर्साय स्थित सौगन्धिक उत्पादांे के प्रशिक्षण केन्द्रों में इन ट्रेड्स के प्रशिक्षार्थियों की एक्सपोजर विजिट करायी जाएगी। प्रदेश में परम्परागत कौशल में निपुण कारीगरों व शिल्पियों की क्षमता व कुशलता को आधुनिक तकनीकों के आधार पर और विकसित करने के लिए समाजवादी सरकार प्रयासरत है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को और भी सशक्त व सक्षम बनाने के लिए पिछले 2 वर्षों में 80 नये आईटीआई खोले गये हैं तथा पूर्व से स्थापित 217 अन्य आईटीआई की गुणवत्ता में सुधार किया गया है। आईटीआई में उपलब्ध सीटों की संख्या भी पिछले तीन वर्षों में 49 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 8 हजार की जा चुकी है जो कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।


राज्य में 46 लाख से अधिक युवाओं को कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षित करने हेतु पंजीकृत किया जा चुका है। मात्र दो वर्षों में तीन लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। उद्योगों की मांग व आवश्यकता को देखते हुए ट्रेनिंग कोर्सेस की संख्या भी 300 से बढ़ाकर 600 से अधिक कर दी गई है। राज्य सरकार अप्रवासी भारतीय विभाग  के माध्यम से विदेशों में युवाओं को सेवायोजित कराने का भी प्रयास कर रही है। युवाओं को रोजगार तलाशने तथा उनके प्लेसमेन्ट कराने के लिए विशिष्ट प्रकार की प्लेसमेन्ट एजेन्सीज जैसे सरल रोजगार, ओला कैब, सैलेक्ट जाॅब आदि को अनुबन्धित किया गया है। चालू वर्ष में मिशन द्वारा 5 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न व्यवसायपरक ट्रेड्स में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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