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यूपी: सरकारी विज्ञापन में मुलायम की तस्वीर

 Tahlka News |  2016-03-21 18:55:24.0

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लखनऊ, 21 मार्च.  उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आलोक रंजन की पत्नी सुरभि रंजन को यश भारती पुरस्कार दिए जाने को आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने जहां इसके खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी है, वहीं अब उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर इस पुरस्कार के विज्ञापन के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाने की तैयारी में हैं। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा यश भारती सम्मान के लिए जारी सरकारी विज्ञापन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ उनके पिता मुलायम सिंह यादव की छपी बड़ी तस्वीर को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सीधा उल्लंघन बताया है।

उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेंगी।


उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 मई, 2015 के आदेश से सरकारी विज्ञापन में मात्र राष्ट्रपति, पीएम और सीजेआई की फोटो लगाने के आदेश दिए थे और हाल में 18 मार्च, 2016 को उसमें आंशिक संशोधन कर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की तस्वीर छपवाने की भी अनुमति दे दी, लेकिन यश भारती पुरस्कार वाले विज्ञापन में समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव की फोटो लगवाना कहीं से न्यायसंगत नहीं है, बल्कि यह सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना है।

वहीं, आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा कि मुलायम सिंह तीन बार उप्र के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री रहे, अभी उनकी पार्टी यूपी की सत्ता में है, लेकिन शायद उनके मन में देश के कानून के प्रति लेशमात्र भी सम्मान नहीं है, यह इस विज्ञापन से स्पष्ट है।

मुलायम सिंह पर धमकाने का आरोप लगाकर निलंबन का दंश झेल रहे आईपीएस अमिताभ ने सवाल उठाया कि क्या ये लोग कानून के ऊपर हैं?

अमिताभ का कहना है कि मुलायम ने उन्हें मोबाइल फोन पर धमकाया था। उन्होंने मुलायम की बात अपने मोबाइल फोनसेट में रिकार्ड कर लिया था, जो सबूत के रूप में सुरक्षित है। इसी आधार पर उन्होंने थाने पर धरना देकर एफआईआर दर्ज कराया है।

हाल ही में मुलायम सिंह ने पार्टी के एक कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा था, "यह मोबाइल भी बहुत खतरनाक चीज है, इससे बचकर रहना।" (आईएएनएस/आईपीएन)

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