Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

डिप्रेशन में कम्युनल आधार पर वोट मांग रही हैं मायावती: राजनाथ सिंह

 Avinash |  2017-02-10 17:50:41.0

डिप्रेशन में कम्युनल आधार पर वोट मांग रही हैं मायावती: राजनाथ सिंह

तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेस में बसपा सुप्रीमों मायावती पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि, बसपा हारी हुई लड़ाई लड़ रही है. डिप्रेंसन में कम्युनल आधार पर वोट मांगने की अपील कर रही है.

राजनाथ सिंह ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने खुद को कमजोर मान लिया है. तभी कांग्रेस से गठबंधन को मजबूर हुई है. जिस कांग्रेस का विरोध मुलायम सिंह जी करते रहे उसी कांग्रेस से अखिलेश यादव ने गठबंधन किया. कांग्रेस पहले से ही कमजोर थी और सपा पिछले पांच सालों में कमजोर हुई है. स्मृतिरोग से ग्रसित कांग्रेस 27 साल यूपी बेहाल का नारा लगाकर गंठबंधन करने में कांउन्टिंग भूल गई.

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार से कहा है कि वह लखनऊ के व्यापारी श्रवण साहू की हत्या की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश करे, केंद्र उस पर अमल करेगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सिफारिश की जाएगी और फिर केंद्र सरकार श्रवण की हत्या की जांच सीबीआई से कराएगी.

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्रवण साहू के परिजनों को यूपी की पुलिस पर भरोसा नहीं है. इसीलिए वह सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. यूपी सरकार इंसाफ पसंद नहीं है, इसलिए श्रवण की हत्या की जांच सीबीआई से कराने से कतरा रही है.

केंद्रीय मंत्री ने यूपी की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि नेशनल क्राइम ब्यूरो ने देश के अन्य राज्यों की तुलना में यूपी को सर्वाधिक क्राइम वाला प्रदेश बताया है. जहां रोज औसतन 13 हत्याएं और 9 बलात्कार की घटनाएं होती हैं. इसी तरह यहां सपा सरकार में हुए सांप्रदायिक दंगों में 66 जानें जा चुकी हैं.

उन्होंने जाटों के आरक्षण और हरियाणा में जेल में बंद जाटों के बारे में कहा कि हरियाणा सरकार इन सभी समस्याओं का हल निकाल लेगी. मैं जाट बाहुल्य क्षेत्रों में सभा करके आया हूं. वहां हमारी पार्टी को अद्भुत समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में उन्होंने चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक 23 चुनावी सभाएं की हैं. इसी तरह अन्य राज्यों को मिलाकर 35 सभाएं की हैं. ऐसी स्थिति में यह दावे के साथ कहा जा सकता है कि यूपी में भाजपा की स्पष्ट ही नहीं पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top