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केशव मौर्य ने कहा- भ्रष्टाचार और अपराध का समर्थन कर रहे अखिलेश

 Avinash |  2017-01-24 13:05:28.0

केशव मौर्य ने कहा- भ्रष्टाचार और अपराध का समर्थन कर रहे अखिलेश


तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी ने गायत्री प्रजापति को सपा सरकार का ब्राण्ड एम्बेंसडर बताते हुए सुलतानपुर से चुनावी आगाज करने वाले अखिलेश यादव पर हमला बोला। प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज गायत्री प्रजापति के चुनाव क्षेत्र में चुनावी अभियान का आगाज करके अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार उनकी प्राथमिकता है और भ्रष्टाचारियों को बचाना उनका संकल्प है। एक लाख करोड़ के खनन घोटाले के आरोपी गायत्री प्रजापति के विधानसभा क्षेत्र से चुनाव अभियान की शुरूवात अखिलेश सरकार की परम्परागत राजनीति का आइना है।

मौर्य ने कहा कि अखिलेश सरकार का एजेण्डा भ्रष्टाचार और अपराध है। अखिलेश यादव ने अपराध, भ्रष्ट कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान हटाने के लिए अपने ब्लाकबस्टर फैमली ड्रामें की शुरूवात खनन घोटाले के आरोपी गायत्री प्रजापति को मंत्री मण्डल के हटाने के साथ की थी। फिर सिरफुटव्वल और मानमनुव्वल के बीच अखिलेश यादव गायत्री को मंत्री मण्डल में वापस भी ले आये। समझ ही नहीं आया कि गायत्री को हटाया क्यों और वापस लाये क्यों? चेहरा चमकाने की कावायद में लगे अखिलेश यादव ने बहुत मशक्कत की लेकिन अपनी परम्मपरा के अनुसार भ्रष्टाचार के आईकाॅन गायत्री प्रजापति के चुनावी अभियान का आगाज कर अपना एजेण्डा जनता के सामने रख दिया।
मौर्य ने कहा कि आज सैफई कुनवे की पटकथा भी जनता के सामने आ गयी है कि यह पूरी नूराकुस्ती जनता का ध्यान भटकाने के लिए थी। अपना कैरियर बचाने के लिए साइकिल के कैरियर पर बैठे दोनों युवराज अपनी भ्रष्टाचारी मूल प्रवृत्ति से दूर नहीं हो पा रहे है। सपा का मुख्य एजेण्डा कल भी लूट और अपराध का था आज भी वही है। जनता ने भी 2017 के लिए सपा-बसपा से मुक्त उत्तर प्रदेश का एजेंण्डा तैयार कर लिया है।

केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रदेश सरकार के मुखिया पर प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचारियों एवं अपराध-अपराधियों को संरक्षण दे रहे है। प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल राम नाईक की रिपोर्ट से प्रमाणित होता है कि अखिलेश यादव भ्रष्टाचार में संलिप्त ही नहीं रहे बल्कि भ्रष्टाचारियों को संरक्षण भी प्रदान करते रहे।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल की रिपोर्ट से पता चलता है कि लोकायुक्त के द्वारा भ्रष्टाचार पर भेजे गये 53 प्रत्यावेदनों पर राज्य सरकार ने केवल 2 प्रत्यावेदनों पर स्पष्टीकरण दिया है, उक्त रिपोर्ट ने अखिलेश यादव के भ्रष्टाचार और अपराध समर्थक चेहरे को जनता के सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि यद्यपि प्रदेश की जनता पहले भी यादव सिंह प्रकरण, लोकसेवा आयोग समेत विभिन्न आयोगो के चेयरमैंन के भ्रष्टाचार के प्रकरण, बसपा शासनकाल के 22 मंत्रियों पर लोकायुक्त जांच के बाद भी उन पर कार्यवाही न करना, चैकडैम घोटाले पर कोई कार्यवाही न करना एवं गायत्री प्रजापति को खनन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बचाने समेत विभिन्न मुद्दों पर अखिलेश यादव का भ्रष्टाचारी चेहरा देख चुकी है।

राज्यपाल द्वारा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के खर्चे और आवंटियो का महालेखाकार द्वारा ऑडिट कराने की संस्तुति किये जाने के बावजूद अखिलेश सरकार द्वारा जांच नहीं कराया जाना अखिलेश सरकार के संस्थागत भ्रष्टाचार को उजागर करता है। जवाहर बाग काण्ड के बाद प्रदेश में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण, अवैध कब्जों, अवैध खनन और उससे राज्य सरकार को हुई हानि पर श्वेतपत्र जारी करने के सवाल पर मुख्यमंत्री द्वारा चुप्पी साध लेना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में जिनकी साफ सुधरी छवि पेश की जा रही है उनका असली चेहरा क्या है।

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Avinash ( 3157 )

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