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राज्यपाल ने राष्ट्रीय सेवा योजना से जुडे़ छात्रों को पदक देकर सम्मानित किया

 shabahat |  2017-02-10 12:10:50.0

राज्यपाल ने राष्ट्रीय सेवा योजना से जुडे़ छात्रों को पदक देकर सम्मानित किया


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज राजभवन में उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय सेवा योजना से जुडे़ विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 12 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया. छात्र-छात्राओं का यह दल दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड-2017 में सम्मिलित हुआ था. इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक अशोक कुमार सोती, विशेष सचिव उच्च शिक्षा प्रमोद कुमार, राष्ट्रीय सेवा योजना के पदाधिकारीगण एवं शिक्षक उपस्थित थे.

राज्यपाल ने कहा कि अपना देश विशाल देश है. कश्मीर से कन्याकुमारी तक तथा गुजरात से पूर्वोत्तर तक अनेक भाषायें, अलग-अलग रहन-सहन व खान-पान है मगर फिर भी हम सब एक देश के नागरिक हैं. उत्तर प्रदेश करीब 21 करोड़ आबादी वाला बड़ा प्रदेश है जहाँ 28 राज्य विश्वविद्यालय, अनेक केन्द्रीय एवं निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालय एवं शिक्षण संस्थान हैं. विश्व में आबादी के लिहाज से केवल चार देशों ब्राजील, इण्डोनेशिया, चीन और अमेरिका की आबादी उत्तर प्रदेश से अधिक हैं. उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेना गौरव का विषय है जिससे मन में आत्मविश्वास जागृत होता है.

श्री नाईक ने कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन देश ने अपना संविधान आत्मसात किया था. 18 वर्ष एवं इससे ऊपर की आयु के सभी नागरिकों को मतदान करने का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है. ऐसे सभी मतदाता उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव में स्वयं भी मतदान करें और दूसरों को भी मतदान करने के लिये प्रेरित करें ताकि शत-प्रतिशत मतदान किया जा सके. जीवन का सार बताते हुये राज्यपाल ने कहा कि 'चरैवेति! चरैवेति!!' यानि निरन्तर आगे बढ़ते रहने से ही सफलता प्राप्त होती है. राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को अपने संस्मरणों पर आधारित संकलन ग्रंथ 'चरैवेति! चरैवेति!!' के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि जो आगे बढे़गा वहीं नेतृत्व करेगा.

राज्यपाल ने कहा कि छात्रों का पहला कर्तव्य है कि वे अच्छी पढ़ाई करके छात्रधर्म का पालन करें. केवल किताबी पढ़ाई न करके अन्य क्षेत्रों में भी योगदान करें. शरीर और बुद्धि दोनों को स्वस्थ रखें. व्यक्तित्व विकास एवं सफलता के मंत्र बताते हुये उन्होंने कहा कि सदैव मुस्कुराते रहें, दूसरों की सराहना करना सीखें, दूसरों की अवमानना न करें क्योंकि यह गति अवरोधक का कार्य करती हैं, अहंकार से दूर रहें तथा हर काम को अधिक अच्छा करने पर विचार करें. अपना व्यवहार ऐसा बनायें कि सबको अच्छा लगे. उन्होंने कहा कि सबका सहयोग प्राप्त करने वाला व्यक्ति ही जीवन में आगे बढ़ता है.

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