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कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

 shabahat |  2017-01-31 12:59:12.0

कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से आज राजभवन में भारतीय पुलिस सेवा 2015 बैच के 11 प्रशिक्षु अधिकारियों ने भेंट की. राज्यपाल से भेंटवार्ता का कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य पुलिस अकादमी, मुरादाबाद द्वारा आयोजित किया गया था. सभी प्रशिक्षु अधिकारी नेशनल एकेडमी आफ पुलिस, हैदराबाद से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद राज्य पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण सुलखान सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण बी.मौर्या सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.

राज्यपाल ने प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिये संवेदनशील रवैया अपनायें. कानून एवं व्यवस्था सुदृढ़ करने में इस बात की जानकारी अवश्य करें कि अपराध का कारण क्या है. अपराध के कारण पर रोक लगाने के लिये अपने स्तर से कार्य संस्कृति बनायें. कानून एवं व्यवस्था का मुख्य कारण जमीन के झगडे़ हैं. आप इस पर कैसे नियंत्रण करते हैं, इसके लिये जमीनी हकीकत को जानते हुये अपने विवेक से काम लें. दायित्व का निर्वहन कार्य की अपेक्षा के अनुसार करें. समाज में सुधार लाने के लिये बहुत कुछ व्यक्तित्व और व्यवहार में निर्भर होता है. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

श्री नाईक ने कहा कि पुलिस अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को महसूस करते हुये समर्पित भाव से कार्य करें. नियम का पालन करते हुये योग्य निर्णय लें. कार्यालय छोड़ने से पहले आने वाले कल की तैयारी एक दिन पूर्व करें. प्राथमिकता तय करने के लिये नोट करने की आदत डालें. अपने कार्य को समय पर निस्तारित करें, और उसकी निरन्तर समीक्षा करते रहें. उन्होंने नये अधिकारियों से कहा कि वे ऐसे समय पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं जब प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने वाले हैं और उन्हें सीखने एवं अनुभव का अच्छा अवसर मिलेगा.

राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों से परिचय प्राप्त करने के बाद प्रसन्नता व्यक्त की कि सभी अधिकारी उच्च शिक्षा में अलग-अलग विषयों में पारंगत हैं, विशेषकर इंजीनियरिंग के क्षेत्र से. उन्होंने कहा कि अपने-अपने विषय के ज्ञान का उपयोग व्यवहारिकता में लायें. शिक्षा का लाभ स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी पहुंचाने की कोशिश करें. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा अधिकारी न्यायप्रियता और संवदेनशीलता से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे. राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को व्यक्तित्व विकास एवं सफलता के मंत्र बताते हुये कहा कि सदैव प्रसन्नचित रहें, दूसरों के अच्छे काम की प्रशंसा करें, किसी की अवमानना न करें तथा हर काम को बेहतर ढंग से करने का प्रयास करें.

राज्यपाल से पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि बी.काम की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् उन्होंने महालेखाकार कार्यालय में नौकरी करना प्रारम्भ किया. राजनीति सेवा का पर्याय है इसलिए नौकरी छोड़कर राजनीति में आ गये जबकि राजनीति को जीवन यात्रा बनाने का कोई इरादा नहीं था. उन्होंने राजनीति में आने के बाद पहले समाज सेवक फिर विधायक, सांसद, विभिन्न विभागों में राज्यमंत्री एवं मंत्री और अब राज्यपाल बनने तक का सफर प्रशिक्षु अधिकारियों से साझा किया. उन्होंने कहा कि उनकी सफलता का मूल मंत्र चलते रहना यानि 'चरैवेति! चरैवेति!!' रहा है.

पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण सुलखान सिंह ने राज्यपाल का धन्यवाद ज्ञापित किया.

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