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यूपी को गुंडाराज से बचाने के लिये दिया मायावती को समर्थन : आमिर रशादी

 shabahat |  2017-02-08 16:25:50.0

यूपी को गुंडाराज से बचाने के लिये दिया मायावती को समर्थन : आमिर रशादी


तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को समर्थन देने का एलान किया है. बसपा के समर्थन में उन्होंने सूबे की विभिन्न सीटों से राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे 84 उम्मीदवारों का पर्चा वापस करा लिया है. यह सभी उम्मीदवार अब बसपा का समर्थन करेंगे.



होटल क्लार्क्स अवध में बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी की मौजूदगी में मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फासिस्टवादी ताक़तों को रोकने और सूबे को गुंडाराज से बचाने के लिये उन्होंने मायावती को समर्थन देने का फैसला किया है.

उन्होंने बताया कि हम सूबे में 84 सीटों पर चुनाव लड़ रहे थे. साथ ही साथ हम मुसलमानों को एक प्लेटफार्म पर लाने की कोशिश भी कर रहे थे. उन्होंने कहा कि 2012 के चुनाव में हमारे उम्मीदवारों ने दो हज़ार से 50 हज़ार तक वोट हासिल किये थे. हमने महसूस किया कि इस बार हम एक या दो सीट पर चुनाव तो जीत जायेंगे लेकिन बहुत सा मुस्लिम वोट बेकार हो जायेगा. मुस्लिम वोटों के बिखराव को रोकने के लिये हमने यह कोशिश की.



मौलाना ने कहा कि अखिलेश यादव विकास का नारा देते हैं फिर उन्हें कांग्रेस का सहारा लेने की ज़रुरत क्यों पड़ी. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव खुद यह बात कह चुके हैं कि अखिलेश मुस्लिम विरोधी हैं. जबकि मुसलमानों ने सपा पर अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया.

समाजवादी पार्टी पर तंज़ करते हुए उन्होंने कहा कि
तुम संवरकर सनम सैफई हो गये,
हम उजड़कर मुज़फ्फरनगर हो गये.

मौलाना ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी प्रदेश में स्थिर और भयमुक्त सरकार दे सकती है. उसने मुसलमानों को 100 टिकट दिये हैं. मायावती सबको साथ लेकर चलने की सलाहियत भी रखती हैं. मायावती के नारे सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखी को ही नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ-सबका विकास नाम दे दिया है. उन्होंने कहा कि मायावती ने मुस्लिम-दलित का नेचुरल एलायंस किया है. क्योंकि दलित और मुसलमान की समस्याएं एक जैसी हैं.

मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि हमारी कोशिश से 20 से 25 सीटें बढ़ेंगी और बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि 1995 में मायावती ने मदरसा बोर्ड को हाईस्कूल के बराबर मान्यता दी थी. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग बनाया था. उर्दू-अरबी-फ़ारसी विश्वविद्यालय बनाया. मौलाना से जब तीन तलाक के मुद्दे पर चल रही बहस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शरीयत में दखल नहीं होना चाहिये.

इस मुद्दे पर नसीमुद्दीन ने कहा कि तीन तलाक का मामला मुसलमान खुद तय करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार बनी तो डिप्टी एसपी जियाउल हक मामले की सीबीआई जांच कराई जायेगी.नसीमुद्दीन ने कहा कि चुनाव के बाद बसपा भाजपा के साथ मिलकर सरकार नहीं बनायेगी.

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