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क्षय रोग की रोकथाम के लिये चलायी जा रही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार ज़रूरी

 shabahat |  2017-03-03 17:02:12.0

क्षय रोग की रोकथाम के लिये चलायी जा रही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार ज़रूरी


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अध्यक्षता में आज राजभवन में उत्तर प्रदेश क्षय निवारक संस्था की वार्षिक सामान्य बैठक सम्पन्न हुई. बैठक में संस्था के अध्यक्ष आर.सी. त्रिपाठी सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे. इस अवसर पर पूर्व में दिवंगत हुये चार सदस्यों को मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. संस्था से जुडे़ डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद को बी.सी. राय अवार्ड मिलने पर राज्यपाल ने उनके कार्यों की सराहना करते हुये उन्हें बधाई दी.

बैठक में उत्तर प्रदेश क्षय निवारक संस्था की नई कार्यकारिणी समिति का चुनाव किया गया. नयी कार्यकारिणी समिति का कार्यकाल तीन वर्ष का है. नयी कार्यकारिणी समिति में अवकाश प्राप्त प्रशासनिक अधिकारी आर.सी. त्रिपाठी को पुनः अध्यक्ष, डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा डाॅ. एस.एस. डंग, डाॅ. अशोक बाजपेयी, डाॅ. वी.बी. सिंह, प्रो. प्रभु एन. सिंह एवं संयुक्त सचिव पदेन उत्तर प्रदेश क्षय अधिकारी को उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया. इसी क्रम में संस्था के अवैतनिक सचिव, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव एवं अन्य सदस्यों को भी बैठक में चुना गया.

राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश क्षय निवारक संस्था को सक्रिय बनाने के साथ इसकी आय बढ़ाने पर विचार करने को कहा. राज्यपाल ने कहा कि संस्था द्वारा क्षय रोग की रोकथाम के लिये चलायी जा रही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये. संस्था राज्य एवं केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर ग्रामीण क्षेत्र में क्षय रोग की जानकारी एवं इलाज के लिये कैम्प लगाने पर विचार करे. संस्था क्षय रोग से संबंधित आकड़े एकत्र कर रिपोर्ट तैयार करें और उसके अनुसार अधिक क्षय रोग संक्रमण वाले स्थानों पर जानकारी एवं इलाज के माध्यम से लोगों की सहायता करे. आर्थिक स्रोत बढाने के लिये सदस्यगण विचार करें तथा संस्था को स्वयं दान देकर अन्य लोगों को इसके लिये प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि संस्था के आर्थिक स्रोत बढ़ाने तथा वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी विचार किया जाना जरूरी है.

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने भी संस्था की आय बढ़ाने के लिये अनेक सुझाव दिये. सदस्यों ने संस्था की टी.बी. सील की बिक्री बढ़ाने पर भी जोर दिया जिससे एक ओर संस्था आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होगी वहीं क्षय रोग के प्रति आमजन में जागरूकता भी बढ़ेगी.

संस्था के सदस्य डाॅ. सूर्यकांत ने पूर्व में आयोजित संगोष्ठी नाटकाॅन के बारे में बताते हुये कहा कि संगोष्ठी को सदस्यों द्वारा शुल्क देकर धनराशि एकत्रित की गयी थी. आयोजन के पश्चात् शेष बची धनराशि रूपये दो लाख को उन्होंने उत्तर प्रदेश क्षय निवारक संस्था को दान दिया है. इस अवसर पर डाॅ. सूर्यकांत ने अपनी पुस्तक 'खर्राटे हैं खतरनाक' की प्रति राज्यपाल को भेंट की.
बैठक में पूर्व में हुई बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि भी की गयी तथा आगामी बजट पर चर्चा भी हुयी.

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