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रमारमण मामले में यूपी सरकार जाएगी सुप्रीमकोर्ट

 Anurag Tiwari |  2016-07-04 12:56:17.0

Akhilesh Yadav, Allahabad High Court, IAS, lucknow, Ramaraman, Sanjay Agarwal, Uttar Pradeshतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त रुख की बाद भी नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के सीईओ रमारमण को पद से हटाया नहीं जाएगा। इस मामले में यूपी सरकार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल करेगी।

कई अधिकारियों के पास हैं मल्टीप्ल चार्ज
यूपी सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि कई ऐसे अधिकारी हैं जिनकी योग्यता को देखते हुए सरकार ने उन्हें एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी दे रखी है, ऐसे में अगर हाईकोर्ट के ऑब्जर्वेशन पर अमल करती है तो उसके सामने संकट की स्थिति पैदा हो जाएगी। ऐसे में सरकार के पास एक ही विकल्प है कि वह एसएलपी के जरिए कोर्ट के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करे।


संजय अग्रवाल के नाम की हुई चर्चा
सोमवार को ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में चर्चा रही कि अब तीनों प्राधिकरणों का चार्ज फिलहाल ऊर्जा व औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल को दिया जाएगा और रमारमण को प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा। खरब यह भी आई सीएम अखिलेश यादव ने लंदन से फोन पर रमारमण को हटाकर प्रतीक्षा सूची में रखने का निर्देश दिया।
संजय अग्रवाल के पास भी हैं कई विभागों के चार्ज
जिन संजय अग्रवाल को रमारमण की जगह तैनाती देने की बात कही जा रही है, उनके पास भी तीन-तीन चार्ज हैं। संजय अग्रवाल अभी प्रमुख सचिव ऊर्जा व औद्योगिक विकास विभाग के साथ पावर कारपोरेशन के चेयरमैन भी हैं। अगर ऐसे में उन्हें रमारमण की जगह चार्ज दिया जाता है तो उनके पास छह विभागों के चार्ज आ जाएंगे। यह भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के ऑब्जर्वेशन के ठीक उलट होगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट गंभीर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन दिन पहले तीनों प्राधिकरणों पर रमारमण के सीईओ बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था जब प्रदेश में कई योग्य अफसर हैं तो तीनों प्राधिकरणों का जिम्मा एक ही व्यक्ति को क्यों दिया गया है? इसी के साथ ही अदालत ने रमारमण के इन पदों पर काम करने पर रोक लगा दी थी। यही नहीं अदालत ने यह मामला मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाले बोर्ड को सौंप दिया।

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