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यूपी में 1954 से जारी है रेल की पटरियों पर मौत का सिलसिला

 Anurag Tiwari |  2016-11-20 05:30:20.0

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अनुराग तिवारी

कानपुर देहात के पुखरायां रेलवे स्टेशन पर हुआ रेल हादसा यूपी में हुए बड़े रेल हादसों में से एक है. इस हादसे में अबत 63 लोगों की मौत की खबर है और सैकड़ों लोग जख्मी हैं. यह यूपी में हुआ कोई पहला रेल हादसा नहीं है. यूपी में बड़े रेल हादसों का इतिहास 1954 से शुरू होता है जब सेना के बारूद ले जा रही रही पैसंजर ट्रेन में अचानक विस्फोट होने से कई लोग मारे गए थे.

एक तरफ रेलवे देश में बुलेट ट्रेन चलालाने की योजना बना रहा है तो दूसरी तरफ खराब क्वालिटी के मटेरियल के चलते आये दिन ट्रेनें हादसे का शिकार बन रही हैं. रेलवे ट्रैक के लिए बिछाई जाने वाली पटरियों की क्वालिटी को लेकर कई बार रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय में शिकायत हो चुकी है. जांचें भी हुईं लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात और पैसेंजर्स के जान भगवान भरोसे छोड़ दी गई है.

कानपुर में हुआ हादसे से पहले भी यूपी में कई रेल हादसे हो चुके हैं:

25 जुलाई, 2016- भदोही इलाके में मडुआडीह-इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन मिनी स्कूल वैन टकरा गई, जिसमें 7 स्कूली बच्चों की मौत हो गई है। इस वैन में 19 बच्चे सवार थे.

25 मई, 2015- कौशांबी के सिराथू रेलवे स्टेशन के पास मूरी एक्सप्रेस हादसे का शिकार हुई थी. हादसे में 25 पैसेंजर्स मारे गए थे, जबकि 300 से ज्यादा घायल हुए थे.

21 मार्च, 2015- रायबरेली के बछरावां रेलवे स्टेशन के पास जनता एक्सप्रेस (14266) की 4 बोगियां डीरेल हो गईं थी. इस हादसे में 32 लोग मारे गए थे.

26 मई 2014 - सुबह 10.30 बजे गोरखधाम एक्सवप्रेस दुर्घटनाग्रस्तै हो गई. इस हादसे में अब तक 40 लोगों की मौत हो गई.

30 सितम्बर, 2014- को देर रात गोरखपुर के नंदानगर इलाके में दो ट्रेनों लखनऊ-बरौनी और कृषक एक्सप्रेस के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में 14 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए. ट्रेनों की टक्कर की वजह साइड कोलिजन बताई जा रही है.यह हादसा गोरखपुर मेन रेल जंक्शन के आगे कैंट रेलवे स्टेशन से करीब दो किलोमीटर आगे नंदानगर क्रॉसिंग के पास हुआ.

20 मार्च, 2015- राजधानी लखनऊ से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बछरांवा रेलवे स्टेशन पर देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस के चार कोच पटरी से उतर गए। इस हादसे में 38 लोगों की मौत हो गई और 150 से ज्यादा लोग घायल हुए.

- 31 मई 2012: हावड़ा से देहरादून जा रही दून एक्सप्रेस जौनपुर के निकट पटरी से उतर गई थी। इस हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी.

- 20 मार्च 2012: हाथरस में एक वैन मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय ट्रेन से टकरा गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई।

- 7 जुलाई 2011: एटा में एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर 80 यात्रियों को लेकर जा रही एक बस और ट्रेन में टक्‍कर हो गई थी। इस घटना में तकरीबन 38 लोगों की मौत हो गई थी.

- 16 जनवरी 2010: फिरोजाबाद में टुंडला के नज़दीक श्रम शक्ति एक्सप्रेस को कालिंदी एक्सप्रेस ने पीछे से टक्कर मार दी थी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 14 लोग घायल हो गए थे.

- 1 नवंबर 2009: गोरखपुर से अयोध्या आ रही पैसेंजर ट्रेन नवाबगंज और टिकरी हॉल्ट स्टेशन के बीच चकरसूलपुर गांव के पास मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर एक ट्रक से टकरा गई। इस घटना में 14 लोगों की मृत्यु हो गई और करीब 100 से अधिक लोग घायल हो गए.

- 21 अक्टूबर 2009: मथुरा के पास गोवा एक्सप्रेस का इंजन मेवाड़ एक्सप्रेस की आख़िरी बोगी से टकरा गया था। इस घटना में 22 लोग मारे गए, जबकि 23 अन्य घायल हुए थे.

- 12 मई 2002: नई दिल्ली से पटना जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस जौनपुर में पटरी से उतर गई थी। इसमें 12 लोगों की मौत हुई थी.

- 4 जून 2002: कासगंज एक्सप्रेस रेलवे क्रॉसिंग पर एक बस से टकरा गई थी। इस हादसे में 34 लोगों की मौत हो गई थी.

- 31 मई 2001: यूपी में एक रेलवे क्रॉसिंग पर खड़ी बस से ट्रेन जा टकराई, जिसमें 31 लोग मारे गए थे.

- 16 जुलाई 1999: दिल्ली जा रही ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस मथुरा के पास एक मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस घटना में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 200 लोग घायल हो गए थे.

- 18 अप्रैल 1997: गोरखपुर रेल हादसे में 60 की मौत हो गई थी.

- 18 अप्रैल 1996: गोरखपुर-गोंडा पैसेंजर ट्रेन की डोमिनगढ़ के पास मालगाड़ी से टक्कर में 60 लोग मारे गए थे.

- 20 अगस्त 1995: नई दिल्ली जा रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस फिरोजाबाद में कालिंदी एक्सप्रेस से टकराई थी। इस हादसे में 250 लोगों की की मौत हुई थी और 250 घायल हुए थे.

- 16 अप्रैल 1989: ललितपुर के पास कर्नाटक एक्सप्रेस पटरी से उतरकर दुर्घटनाग्रस्‍त हो गई थी, जिसमें 75 लोग मारे गए थे.

- 13 जून 1985: आगरा में रेल दुर्घटना में 38 की मौत हुई थी।

- 27 जनवरी 1982: मालगाड़ी और एक्सप्रेस ट्रेन में भिड़ंत में 50 लोगों की मौत हुई थी और 50 घायल हुए थे.

- 16 जून 1969: मुहम्मदाबाद में रेल हादसे में 70 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 130 लोग घायल हुए थे.

-31 मार्च 1954- सेना के बारूद ले जा रही रही पैसंजर ट्रेन में अचानक विस्फोट हो जाने से 31 लूगों की मौत हो गई थी और 32 घायल हो गए थे.

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