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उत्तराखंड में 10 मई को फ्लोर टेस्ट, बागी विधायक नहीं ले सकेंगे हिस्सा

 Tahlka News |  2016-05-06 08:42:38.0

suprime court

तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली: 
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में सरकार के शक्ति परीक्षण के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को सर्वोच्च अदालत ने कहा कि उसे सरकार के फ्लोर टेस्ट पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन तय प्रकिया के तहत ही बहुमत का इम्तिहान लिया जाएगा। कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि मंगलवार 10 मई को बहुमत का परीक्षण होगा, जिसमें 9 बागी विधायक वोट नहीं दे सकेंगे।

राज्य में 2 घंटे (11 से 1 बजे तक) के लिए राष्ट्रपति शासन नहीं रहेगा और वोटिंग की वीडियोग्राफी भी की जाएगी। इसका नतीजा सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।


दूसरी ओर, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस और उनके विधायक बहुमत परीक्षण के लिए तैयार हैं।

इसके साथ ही कोर्ट ने बागी विधायकों की उस याचिका को भी खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने बंद लिफाफे के जरिए वोट करने की अनुमति मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में साफ तौर पर कहा कि सभी 9 बागी विधायकों को इस परीक्षण की पूरी प्रक्रिया से अलग रखा जाए। कोर्ट ने विधायकों की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आप सभी को स्पीकर द्वारा अयोग्य घोषित किया गया है।

क्या है पूरा मामला
18 मार्च को विधानसभा में विनियोग विधेयक पर मत विभाजन की भाजपा की मांग का कांग्रेस के नौ विधायकों ने समर्थन किया था, जिसके बाद प्रदेश में सियासी तूफान पैदा हो गया और उसकी परिणिति 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन के रूप में हुई थी।गौरतलब है कि उत्तराखंड के चल रहे सियासी संकट के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सीबीआई ने स्टिंग मामले की जांच के सिलसिले में पेश होने का समन जारी किया है। इस  स्टिंग के कथित तौर पर उन्हें एक पत्रकार से बागी विधायकों का फिर से समर्थन हासिल करने के लिए डील करते हुए दिखाया गया था।

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