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उत्तराखंड: राष्ट्रपति शासन हटने के बाद, ताबड़तोड़ हुए 11 फैसले

 Tahlka News |  2016-04-22 05:36:06.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो 
देहरादून, 22 अप्रैल. उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने और 18 मार्च से पहले की स्थिति बहाल करने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कैबिनेट की बैठक की और बैठक में ताबड़तोड़ 11 फैसले ले लिए गए| बैठक के बाद हरीश रावत ने बताया कि इन फैसलों को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं| रावत ने बताया कि राज्य में जल संकट को लेकर मुख्य सचिव के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई है|

हरीश रावत ने कहा कि केंद्र को सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती देने का अधिकार है लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें इस मामले में कोई राहत नहीं मिलने वाली|

रावत ने कहा कि वे अदालत में अपील करें लेकिन संघीय ढांचे के तहत राज्य में सरकार को काम करने दें| उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जल संकट से निपटने और चार धाम यात्रा के लिए समुचित प्रबंध करने पर फोकस करने का फैसला किया है|


नैनीताल हाई कोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस के एम जोसेफ ने केंद्र के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का पक्ष सुनने के दौरान कई सवाल किए| इस मामले के साथ चल रहे 9 बागी विधायकों के मामले में उनके वकील दिनेश द्विवेदी ने कहा कि यह समस्या कांग्रेस से नहीं बल्कि हरीश रावत और स्पीकर के साथ जुड़ी है, क्योंकि सभी 9 विधायक सदस्यता खत्म करने के बावजूद आज भी कांग्रेस के सदस्य हैं|

इससे पूर्व उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने गुरुवार को फिर सख्त टिप्पणी की| कोर्ट ने पूछा, 'क्या इस केस में सरकार प्राइवेट पार्टी है? जजों ने पूछा, 'यदि कल आप राष्ट्रपति शासन हटा लेते हैं और किसी को भी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर देते हैं, तो यह न्याय का मजाक उड़ाना होगा| क्या केंद्र सरकार कोई प्राइवेट पार्टी है?'

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