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यूपी के इस दिव्यांग ने छुआ आसमान, जीता पदक

 Vikas Tiwari |  2016-09-10 13:13:34.0

वरुण सिंह भाटी नई दिल्ली : ब्राजील की मेजबानी में खेले जा रहे पैरालम्पिक खेलों में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाले एथलीट वरुण सिंह भाटी ने काफी मुश्किल सफर तय कर इस ऐतिहासिक मुकाम को हासिल किया। यूपी के ग्रेटर नोएडा  के रहने वाले भाटी ने रियो पैरालम्पिक के दूसरे दिन शुक्रवार को टी-42 वर्ग में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में 1.86 मीटर के साथ कांस्य पदक पर अपने नाम किया।

बेंगलुरू के भारतीय खेल प्रधिकरण (साई) केंद्र में प्रशिक्षण हासिल करने वाले 21 वर्षीय भाटी टी-42 श्रेणी में आते हैं। यह पैरा-खेलों में ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा के लिए ऐसे खिलाड़ियों की श्रेणी है जिनमें नितंब या घुटने में से कोई एक या दोनों अंग अक्षम होते हैं।


ग्रेटर नोएडा के सेंट जोसेफ स्कूल में पहली बार भाटी की काबिलियत सामने आई। इसी स्कूल से उन्होंने अपनी शिक्षा हासिल की है। बाद में उन्हें कोच सत्यनारायण का मार्गदर्शन मिला, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को और निखारा। सत्यनारायण भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा के रहने वाले भाटी का बायां पैर पोलियोग्रस्त है। भाटी के लिए 2012 बड़े बदलाव का वर्ष साबित हुआ। उन्होंने इसी साल लंदन पैरालम्पिक-2012 के क्वालीफिकेशन में 'ए' मार्क हासिल किया। भाटी ने तब 1.60 मीटर ऊंची कूद लगाई थी।

हालांकि पैरालम्पिक खेलों-2012 में भारत का कोटा सीमित था इसलिए वह लंदन पैरालम्पिक में हिस्सा नहीं ले पाए।

दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुए एशियाई खेलों-2014 में वह जरूर भारतीय टीम का हिस्सा रहे, जहां उन्होंने पांचवां स्थान हासिल किया। इसी साल वह चीन ओपन एथलेटिक्स चैम्पिनशिप में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाने में कामयाब रहे।

दोहा (कतर) में 2015 में हुई पैरा विश्व चैम्पियनशिप में उन्हें पांचवां स्थान मिला।

भारत के शीर्ष पैरा एथलीटों की सूची में अपना नाम दर्ज करा चुके वरुण ने 2016 आईपीसी एथलीट एशिया-ओसीनिया चैम्पियनशिप में 1.82 मीटर ऊंची कूद लगाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और साथ ही नया एशियाई रिकार्ड भी कायम किया।

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