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यूपी के युवाओं ने बना दिया विश्व का सबसे बड़ा समोसा

 Tahlka News |  2016-07-12 07:37:16.0

samosa
तहलका न्यूज़ ब्यूरो

महराजगंज . उत्तर प्रदेश में लगातार कथक करने का विश्व रिकार्ड बनने के बाद अब सबसे बड़ा समोसा का भी विश्व रिकार्ड बन गया है. यह कारनामा महराजगंज जिले में किया गया है. महराजगंज के सिसवा कस्बे के युवाओं ने करीब 12 घंटे के खड़े प्रयास के बाद विश्व का सबसे बड़ा समोसा तैयार कर दिया है.

फिलहाल इसका आधिकारिक तौल होना बाकी है, लेकिन इसमें इस्तेमाल दो क्विंटल आलू, डेढ़ क्विंटल मैदा, 20 किग्रा डालडा घी, दो किग्रा मूंगफली का दाना तथा करीब 20 किग्रा अन्य सामग्री के आधार पर इसका वजन लगभग साढ़े 3 से 4 चार क्विंटल तक आंका जा रहा है.

यूपी के पूर्वांचल के महाराजगंज जिले के सिसवा कस्बे के युवाओं की एक टीम दुनिया का सबसे बड़ा समोसा बनाने में जुटी हुयी थी. इसके पहले 22 जून 2012 को इंग्लैण्ड के ब्राडफोर्ड कॉलेज के छात्रों ने 110.8 किलोग्राम 135 सेमी लम्बा, 85 सेमी चौड़ा तथा 29 सेमी ऊंचा समोसा  बनाया था जो अभी तक विश्व रिकार्ड है.


अब इस विश्व रिकार्ड को तोड़ने के लिए सिसवा कसबे के 12 युवाओं की टीम ने सोमवार की रात आठ बजे से समोसा बनाने  का काम शुरू कर दिया. इन युवाओ का उत्साह बढ़ने में वहां लोगों का हुजूम जुटा है.

टीम के सदस्यों ने स्थानीय देवी मां स्थान पर मत्था टेकने के बाद सबसे पहले दो कुन्तल आलू उबाल उसमें दो किलो मूंगफली दाना, डेढ़ किलो लाल मिर्च, एक किलो धनिया, 500 ग्राम जायका, पांच किलो नमक, 250 ग्राम पंचफोरण, पांच किलो हरा मिर्च, 2 किलो लहसुन, आधा किलो हल्दी, व चार डब्बा कस्तूरी मेथी मिलाकर समोसे को भरने के लिये आलू का मिश्रण तैयार किया. उसके बाद डेढ़ कुन्तल मैदा में 20 किलो डालडा का मोयन मिलाकर बड़े-बड़े बेलनों के साथ दो इंच मोटे मैदे की पत्ती को बेलना शुरू किया.

रात 11 बजे तक पत्ती को बेलने का कार्य जारी रहा. समोसे की पत्ती को बेल उसमें भरे जाने वाले आलू के सामग्री व समोसे को मूर्त रूप देने के लिए मैदे की पत्ती के नीचे रिंग का उपयोग किया गया. रात गहराने के साथ-साथ इन युवाओं का उत्साह भी परवान चढ़ता गया. देर रात तक युवाओं की टीम कड़ी मशक्कत कर विश्व के सबसे बड़े समोसे को बनाने के विश्व रिकार्ड तोड़ते हुये गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करा महराजगंज जिले का नाम विश्व पटल पर अंकित कराने को पसीना बहा रहे थे.

टीम के कप्तान रितेश सोनी के नेतृत्व में टीम के नवीन तिवारी, गोपाल, रामानंद वर्मा, कन्हैया वर्मा, अभिषेक सोनी, राजेश वर्मा, विवेक मद्धेशिया, नवीन मद्धेशिया, भानु गुप्ता, किशन सोनी, दुर्गेश केसरी.इन बर्तनों का हुआ प्रयोगआठ फुट चौड़े, 9 फुट लम्बे व 6 इंच गहरे टीन के कड़ाही को समोसा बनाने के लिए रखा. दो स्ट्रेचरों के नीचे 30 मेजों को आपस में जोड़कर 6 मीटर लम्बा, पांच मीटर चौड़ा समोसे बनाने के लिए मैदे की दो इंच मोटी पत्ती बेले जाने के लिए उसे चौका का स्वरूप दिया गया.

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